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‘मलेथा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस हों’
नई टिहरी
Updated Fri, 26 Feb 2016 09:59 PM IST
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उत्तराखंड क्रांति दल ने मलेथा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। दल ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि स्टोन क्रशर का विरोध कर रहे लोगों पर मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो दल आंदोलन तेज करने को मजबूर होगा। डीएम के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में उक्रांद ने कहा कि मलेथा के ग्रामीणों ने अपनी उपजाऊ जमीन बचाने के लिए स्टोन क्रशर लगाने का विरोध किया है। ज्ञापन भेजने वालों में उक्रांद के जिलाध्यक्ष विजय पंवार, दर्शनलाल उनियाल, मनीष सकलानी, प्रदीप बहुगुणा, बसंती नेगी, दुर्गा देवी और यशोदा चमोली आदि थे।
कलेक्ट्रेट में दिया धरना, समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की
मलेथा में स्टोन क्रशर लगाने का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर मलेथा के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि मुकदमें जल्द वापस नहीं लिए गए तो उन्हें फिर से बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने जेल में बंद आंदोलनकारी समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की।
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धरना देने वालों में डीएस नेगी, रामेश्वरी नेगी, विमला देवी, राजकुमारी राणा, सुशीला बिष्ट, नंदा देवी, हेमंती देवी, सुशीला राणा, रोशनी नेगी, जगदंबा प्रसाद, पीवी डोभाल, वीर सिंह नेगी, मान सिंह, दिनेश भट्ट और बलवंत सिंह नेगी आदि शामिल थे। उसके बाद ग्रामीणों ने जिला कारागार में अनशन कर रहे समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो दल आंदोलन तेज करने को मजबूर होगा। डीएम के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में उक्रांद ने कहा कि मलेथा के ग्रामीणों ने अपनी उपजाऊ जमीन बचाने के लिए स्टोन क्रशर लगाने का विरोध किया है। ज्ञापन भेजने वालों में उक्रांद के जिलाध्यक्ष विजय पंवार, दर्शनलाल उनियाल, मनीष सकलानी, प्रदीप बहुगुणा, बसंती नेगी, दुर्गा देवी और यशोदा चमोली आदि थे।
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कलेक्ट्रेट में दिया धरना, समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की
मलेथा में स्टोन क्रशर लगाने का विरोध कर रहे आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर मलेथा के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि मुकदमें जल्द वापस नहीं लिए गए तो उन्हें फिर से बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने जेल में बंद आंदोलनकारी समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की।
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धरना देने वालों में डीएस नेगी, रामेश्वरी नेगी, विमला देवी, राजकुमारी राणा, सुशीला बिष्ट, नंदा देवी, हेमंती देवी, सुशीला राणा, रोशनी नेगी, जगदंबा प्रसाद, पीवी डोभाल, वीर सिंह नेगी, मान सिंह, दिनेश भट्ट और बलवंत सिंह नेगी आदि शामिल थे। उसके बाद ग्रामीणों ने जिला कारागार में अनशन कर रहे समीर रतूड़ी से भी मुलाकात की।