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बौराड़ी स्टेडियम की बदहाल स्थिति पर नहीं जाता नेताओं का ध्यान

Thu, 10 Feb 2022 07:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 07:12 PM IST
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Leaders' attention does not go to the deplorable condition of Bauradi Stadium
नई टिहरी का बौराड़ी स्टेडियम बना बदहाल। - फोटो : NEW TEHRI
जिला मुख्यालय का बौराड़ी स्टेडियम लंबे समय से बदहाल बना हुआ है। स्टेडियम के विस्तारीकरण और सुधारीकरण के नाम पर करीब सात करोड़ खर्च हो चुके हैं, लेकिन स्टेडियम की दशा नहीं सुधरी है। स्टेडियम में पानी निकासी को नाली निर्माण नहीं होने से बारिश के दिनों में तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे खेलों में रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को दिक्कत हो रही है। प्रत्येक विधानसभा चुनाव में नेता युवाओं को लुभाने के लिए बेहतरीन खेल स्टेडियम का वादा करते हुए हैं। बावजूद जीतने के बाद वादा भूल जाते हैं।
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नई टिहरी शहर का निर्माण होने के दौरान टीएचडीसी ने बौराड़ी में जिलास्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण किया था, लेकिन स्टेडियम के आसपास दुकानें होने से इसकी लंबाई, चौड़ाई बहुत कम थी। लंबे समय से स्टेडियम के विस्तारीकरण की मांग की जा रही थी। 2015-16 में सरकार ने छह करोड़ की लागत से स्टेडियम का विस्तारीकरण का काम किया था, लेकिन जल निकासी को नाली से लेकर चेजिंग रूम और अन्य निर्माण कार्य नहीं किए। वर्तमान सरकार ने भी अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए करीब 80 लाख रुपये देकर काम शुरू करवाया था, जबकि काम को पूरा करवाने को तीन करोड़ की और जरूरत थी। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम के लिए और धनराशि देने की घोषणा की थी। बावजूद घोषणा पूरी नहीं हो पाई, वहीं जो धनराशि मिली भी है, उस कार्य की धीमी गति होने के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है। बारिश के दिनों स्टेडियम पानी से भर जाता है, जबकि स्टेडियम में लोग शादी-विवाह से लेकर अन्य सार्वजनिक गतिविधियां करते हैं।
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बौराड़ी जिले का एक मात्र खेल स्टेडियम है, लेकिन उसकी स्थिति भी खराब होने से खिलाड़ियों से लेकर सेना में जाने के लिए तैयारियां करने वाले युवाओं को दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जनप्रतिनिधियों को इस महत्वपूर्ण समस्या का समाधान होना चाहिए।
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-अभिषेक अमोला, बौराड़ी।
जिले में खेलों के लिए बेहतर स्थान न होने के कारण खिलाड़ी पलायन करने को मजबूर है। मैं भी टिहरी में रहकर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना चाहता था, लेकिन स्टेडियम का अभाव बना था। जिससे देहरादून में युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा हूं।
आनंद मोहन, नेशनल फुटबाल खिलाड़ी।
भले ही सरकारों ने स्टेडियम पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन काम के दौरान इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। जिससे स्थिति खराब बनी हुई है। सरकार को अधूरे कार्यों को और बजट देकर स्टेडियम को अच्छा बनाना चाहिए।

-बाल गोविंद ममगाईं, निवासी बौराड़ी।
बारिश के दिनों में स्टेडियम पानी से भर जाता है, जिससे खेल गतिविधियां नहीं होती है। चुनाव में सभी नेता युवाओं महत्वपूर्ण भूमिका मानते हैं। लेकिन जीतने के बाद उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं।
-असद आलम, क्रिकेट खिलाड़ी टिहरी।
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