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कैसे बुझे प्यास, शासन ने पैसा देने से किया इंकार
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
Updated Fri, 15 Apr 2016 10:06 PM IST
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दो दर्जन से अधिक गांवाें के लोगों के लिए ढुंगमंदार ग्राम समूह पंपिंग योजना को शासन ने बजट देने से इंकार कर दिया है। पेयजल निगम की ओर से भेजी गई 48 करोड़ 93 लाख 48 हजार की डीपीआर को शासन ने बिना स्वीकृति के लौटा दी है। विभाग को अब नए सिरे से बीस करोड़ तक की डीपीआर बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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पेयजल किल्लत से जूझ रहे ढुंगमंदार क्षेत्र के पिपोला, सैंण, लासी, गहड़, मोल्ठा, स्यूरी, बड़ोनगांव, सेमा, भटवाड़ा, कस्तल, मंदार सहित 22 गांवों के 91 तोकों में निवासरत करीब 30 हजार लोगों को पानी मयस्सर नहीं हो रहा है।
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ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए विधायक विक्रम नेगी की मांग पर सरकार ने ढुंगमंदार ग्राम समूह पंपिंग योजना को वर्ष 2013 में स्वीकृति देकर पेयजल निगम घनसाली को गांवों का सर्वे कर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन को भेजने के निर्देश दिए थे।
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निगम ने घनसाली बालगंगा नदी के सरांस गांव तोक से पंपिंग योजना का निर्माण करने का निर्णय लेकर 2015 में 48 करोड़ 93 लाख 48 हजार की डीपीआर वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजी थी, लेकिन शासन ने डीपीआर वापस कर वित्तीय स्वीकृति देने से इंकार कर दिया है।
शासन ने अधीक्षण अभियंता, पेयजल निगम को भेजे पत्र में कहा कि इतनी बड़ी धनराशि योजना के लिए दी जानी संभव नहीं है, लिहाजा इसमें संशोधन कर बीस करोड़ तक की डीपीआर भेजने के निर्देश दिए हैं। शासन के इस निर्णय से वर्षों से पंपिंग योजना के निर्माण के बाद पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद को झटका लगा है।