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फर्जी प्रमाणपत्र रोकने को मूल निवास 1950 लागू करें सरकार : नेगी
Tue, 30 Jul 2024 04:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 30 Jul 2024 04:10 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार से फर्जी प्रमाणपत्रों को रोकने के लिए मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारी के पदों पर भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों के स्थायी निवास प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाए गए। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी भर्ती के मानकों को पूरा करने को फर्जी प्रमाणपत्र बना रहे हैं। इससे स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
आशंका है कि हाल के वर्षों में मैदानी क्षेत्रों की तहसीलों से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण की मूल भावना मूल निवास 1950 रहा है, जिसके लिए प्रदेशवासी आंदोलनरत हैं। सरकार को लगातार चेताने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मूल निवास पर गंभीरता दिखाकर सख्ती से लागू करें, जिससे प्रदेश का अहित न हो। कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस स्थायी निवास प्रमाणपत्र में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाएगी। संवाद
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आशंका है कि हाल के वर्षों में मैदानी क्षेत्रों की तहसीलों से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण की मूल भावना मूल निवास 1950 रहा है, जिसके लिए प्रदेशवासी आंदोलनरत हैं। सरकार को लगातार चेताने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मूल निवास पर गंभीरता दिखाकर सख्ती से लागू करें, जिससे प्रदेश का अहित न हो। कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस स्थायी निवास प्रमाणपत्र में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी का मुद्दा सदन में प्रमुखता से उठाएगी। संवाद
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