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Tehri News: पांच साल का इंतजार होगा खत्म, दिसंबर में घर-घर पहुंचेगा पानी
Sun, 27 Sep 2026 04:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 27 Sep 2026 04:54 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के रौणद-रमोली क्षेत्र के ग्रामीणों का पांच साल का पेयजल इंतजार खत्म होने की उम्मीद जगी है। निर्माणाधीन जलकुर-बुरांशखंडा पेयजल योजना के इस साल दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
वन भूमि की अनुमति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था जल संस्थान ने काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। योजना पूरी होने पर पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे भरपूर, ल्वारखा, सिलारी, कोरदी, गैरी ब्राह्मणों की भैंतला, खेतपाली व आसपास के गांवों में निवासरत लोगों को राहत मिल सकती है।
पट्टी रौणद-रमोली क्षेत्र के लिए करीब 18 करोड़ से तैयार की जा रही जलकुर-बुरांशखंडा पेयजल योजना का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। इसे वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन वन भूमि आड़े आने से काम अटक गया था। लंबे इंतजार के बाद वन भूमि की अनुमति मिलने से योजना के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। योजना पर करीब डेढ़ किलोमीटर मुख्य पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है जबकि करीब एक किमी लाइन का काम अभी बाकी है। योजना से भरपूर, ल्वारखा, सिलारी, कोरदी, गैरी ब्राह्मणों की भैंतला, खेतपाली समेत अन्य गांवों और तोकों में पेयजल पहुंचाया जाना है।
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जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों के घरों तक पानी के कनेक्शन पहले ही लगाए जा चुके हैं लेकिन योजना से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी। गर्मियों में पेयजल स्रोत सूखने के कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। योजना पूरी होने से उक्त गांवों की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
जलकुर-बुरांशखंड पेयजल योजना का कार्य आगामी दिसंबर माह तक तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुछ बजट की कमी बनी हुई है यदि जल्द बजट जारी हो जाता है तो कार्य की गति तेजी से बढ़ाई जाएगी।
-प्रशांत भारद्वाज, ईई जल संस्थान नई टिहरी।
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वन भूमि की अनुमति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था जल संस्थान ने काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। योजना पूरी होने पर पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे भरपूर, ल्वारखा, सिलारी, कोरदी, गैरी ब्राह्मणों की भैंतला, खेतपाली व आसपास के गांवों में निवासरत लोगों को राहत मिल सकती है।
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पट्टी रौणद-रमोली क्षेत्र के लिए करीब 18 करोड़ से तैयार की जा रही जलकुर-बुरांशखंडा पेयजल योजना का निर्माण वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। इसे वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन वन भूमि आड़े आने से काम अटक गया था। लंबे इंतजार के बाद वन भूमि की अनुमति मिलने से योजना के निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। योजना पर करीब डेढ़ किलोमीटर मुख्य पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है जबकि करीब एक किमी लाइन का काम अभी बाकी है। योजना से भरपूर, ल्वारखा, सिलारी, कोरदी, गैरी ब्राह्मणों की भैंतला, खेतपाली समेत अन्य गांवों और तोकों में पेयजल पहुंचाया जाना है।
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जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों के घरों तक पानी के कनेक्शन पहले ही लगाए जा चुके हैं लेकिन योजना से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी। गर्मियों में पेयजल स्रोत सूखने के कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। योजना पूरी होने से उक्त गांवों की पेयजल समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
जलकुर-बुरांशखंड पेयजल योजना का कार्य आगामी दिसंबर माह तक तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुछ बजट की कमी बनी हुई है यदि जल्द बजट जारी हो जाता है तो कार्य की गति तेजी से बढ़ाई जाएगी।
-प्रशांत भारद्वाज, ईई जल संस्थान नई टिहरी।