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Tehri News: भिलंगना की पांच सिंचाई नहरों को मिला नया जीवन
Sun, 12 Jan 2025 05:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 12 Jan 2025 05:43 PM IST
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नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक की वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी पांच सिंचाई नहरों के पुनर्निर्माण का सपना अब साकार होने जा रहा है। आपदाओं के कारण बरबाद हुई नहरों को ठीक करने के लिए नाबार्ड से लगभग दो करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है।
जिले का भिलंगना ब्लॉक गेहूं और धान की पैदावार के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में हर गांव में लोग खेती किसानी से जुड़े हैं। क्षेत्र में सिंचाई नहरों की भरमार है, लेकिन कई नहरें आपदा से क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों को सिंचाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अधिशासी अभियंता अनूप डियूंडी ने बताया कि नाबार्ड के तहत पांच प्रमुख नहरों के पुनर्निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
उन्होंने बताया कि आंद्रिया नहर मरम्मत के लिए 34 लाख रुपये, जसपुर के लिए 28 लाख रुपये, क्वीडांग के लिए 47 लाख 50 हजार रुपये, भुजनारी के लिए 56 लाख रुपये और ताड नहर पर मरम्मत कार्य के लिए लगभग 55 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर नहरों की मरम्मत शुरू की जाए। क्षेत्र के काश्तकारों का मानना है कि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से उनकी फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काश्तकारों ने जल्द नहरों पर मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है।
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जिले का भिलंगना ब्लॉक गेहूं और धान की पैदावार के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में हर गांव में लोग खेती किसानी से जुड़े हैं। क्षेत्र में सिंचाई नहरों की भरमार है, लेकिन कई नहरें आपदा से क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों को सिंचाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अधिशासी अभियंता अनूप डियूंडी ने बताया कि नाबार्ड के तहत पांच प्रमुख नहरों के पुनर्निर्माण को मंजूरी मिल गई है।
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उन्होंने बताया कि आंद्रिया नहर मरम्मत के लिए 34 लाख रुपये, जसपुर के लिए 28 लाख रुपये, क्वीडांग के लिए 47 लाख 50 हजार रुपये, भुजनारी के लिए 56 लाख रुपये और ताड नहर पर मरम्मत कार्य के लिए लगभग 55 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया जल्द पूरी कर नहरों की मरम्मत शुरू की जाए। क्षेत्र के काश्तकारों का मानना है कि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने से उनकी फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काश्तकारों ने जल्द नहरों पर मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है।
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