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Tehri News: काश्तकारों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेंगे सेब और अखरोट के पौधे
Thu, 02 Jan 2025 05:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 02 Jan 2025 05:38 PM IST
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जिले में 48 हजार शीतकालीन फलों के पौधों की है डिमांड
नई टिहरी। उद्यान विभाग टिहरी जिले के काश्तकारों को ठंडों में लगाए जाने वाले सेब, आडू, पुलम, खुमानी, कीवी, अखरोट के पौधों का वितरण जनवरी में करेगा। काश्तकारों को अखरोट और कीवी के पौधे पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जबकि अन्य फलों के पौधों को विभाग काश्तकारों को मांग के हिसाब से निशुल्क उपलब्ध कराएगा।
उद्यान विभाग ने जिले के काश्तकारों की मांग पर शीतकालीन सीजन में लगाए जाने वाले 48 हजार फलों के पौधों की मांग उद्यान निदेशक को भेजी है, जिसमें से 16123 सेब, 5751 कीवी के पौधों के साथ 25700 आडू, पुलम, खुमानी, अखरोट और बादाम के पौधे शामिल हैं। जिला उद्यान अधिकारी सीएस बिष्ट ने बताया कि जनवरी अंत तक सभी प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाना है।
जनवरी के प्रथम सप्ताह तक विभाग को पौधे मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शीघ्र काश्तकारों को वितरित किया जाएगा। अखरोट के एक पौधे की कीमत 250 रुपये, कीवी का पौधा 275 रुपये का है, लेकिन विभाग काश्तकारों दोनों फलों के पौधों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए। जिन काश्तकारों ने पौधों के रोपण के लिए अभी गड्ढे तैयार नहीं किए वह शीघ्र तीन फीट गहरा और तीन चौड़ा गड्ढा तैयार कर उसे कम से कम 15 दिनों के लिए खुला छोड़ दे। इसके बाद गड्ढों में गोबर और मिट्टी मिलाकर उसे बंद कर दे।
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संभव हो तो मिट्टी और गोबर के साथ कीटनाशक दवा फोराटेंजी को मिलाएं। काश्तकारों द्वारा पौधों की और मांग की जाती है, तो निदेशक से और पौधों की मांग की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी बिष्ट ने बताया कि जनवरी में बुवाई किए जाने वाले आलू की हिमाचल प्रदेश से कुफरी प्रजाति 1500 क्विंटल आलू की मांग की गई थी, लेकिन टिहरी जिले को 400 क्विंटल आलू ही मिल पा रहा है।
काश्तकारों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर आलू उपलब्ध करा दिया जाएगा। कुफरी प्रजाति का आलू की कीमत 38 रुपये प्रति किलो है, जिसे किसानों को 19 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा। जिले में 18 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल की बुवाई की जाती है। लगभग 16 800 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। जौनपुर, कुमाल्डा, थत्यूड़ तथा नरेंद्रनगर आगराखाल और घनसाली के घुतु क्षेत्र में आलू की अधिक पैदावार होती है।
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नई टिहरी। उद्यान विभाग टिहरी जिले के काश्तकारों को ठंडों में लगाए जाने वाले सेब, आडू, पुलम, खुमानी, कीवी, अखरोट के पौधों का वितरण जनवरी में करेगा। काश्तकारों को अखरोट और कीवी के पौधे पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जबकि अन्य फलों के पौधों को विभाग काश्तकारों को मांग के हिसाब से निशुल्क उपलब्ध कराएगा।
उद्यान विभाग ने जिले के काश्तकारों की मांग पर शीतकालीन सीजन में लगाए जाने वाले 48 हजार फलों के पौधों की मांग उद्यान निदेशक को भेजी है, जिसमें से 16123 सेब, 5751 कीवी के पौधों के साथ 25700 आडू, पुलम, खुमानी, अखरोट और बादाम के पौधे शामिल हैं। जिला उद्यान अधिकारी सीएस बिष्ट ने बताया कि जनवरी अंत तक सभी प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाना है।
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जनवरी के प्रथम सप्ताह तक विभाग को पौधे मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शीघ्र काश्तकारों को वितरित किया जाएगा। अखरोट के एक पौधे की कीमत 250 रुपये, कीवी का पौधा 275 रुपये का है, लेकिन विभाग काश्तकारों दोनों फलों के पौधों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए। जिन काश्तकारों ने पौधों के रोपण के लिए अभी गड्ढे तैयार नहीं किए वह शीघ्र तीन फीट गहरा और तीन चौड़ा गड्ढा तैयार कर उसे कम से कम 15 दिनों के लिए खुला छोड़ दे। इसके बाद गड्ढों में गोबर और मिट्टी मिलाकर उसे बंद कर दे।
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संभव हो तो मिट्टी और गोबर के साथ कीटनाशक दवा फोराटेंजी को मिलाएं। काश्तकारों द्वारा पौधों की और मांग की जाती है, तो निदेशक से और पौधों की मांग की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी बिष्ट ने बताया कि जनवरी में बुवाई किए जाने वाले आलू की हिमाचल प्रदेश से कुफरी प्रजाति 1500 क्विंटल आलू की मांग की गई थी, लेकिन टिहरी जिले को 400 क्विंटल आलू ही मिल पा रहा है।
काश्तकारों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी पर आलू उपलब्ध करा दिया जाएगा। कुफरी प्रजाति का आलू की कीमत 38 रुपये प्रति किलो है, जिसे किसानों को 19 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा। जिले में 18 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल की बुवाई की जाती है। लगभग 16 800 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। जौनपुर, कुमाल्डा, थत्यूड़ तथा नरेंद्रनगर आगराखाल और घनसाली के घुतु क्षेत्र में आलू की अधिक पैदावार होती है।