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उद्योगों पर पड़ रहे प्रभाव से निपटने के तरीके बताए
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इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो की पहल पर वेबिनार सेमिनार में लॉकडाउन के कारण हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्रीज में आने वाले बदलाव के समय पर तैयार रहने की जानकारी दी गई।
सेमिनार में स्टे्ट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट संस्थान के निदेशक डा. यशपाल नेगी, सहायक प्रोफेसर जसवंत जायडा, राहुल शर्मा और हितेश रमोला ने ऑनलाइन शिरकत की। विशेषज्ञ राकेश कुमार, हरीश चंद्रा, हिमांशु कॉल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय में आने वाले प्रभाव पर अभी से नई कार्य योजना बनानी होगी। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सभी होटल विशेषज्ञ वायरस की रोकथाम के लिए सैनेटाइज टनल का प्रयोग किया जाए। साथ ही सभी होटल में नए आधुनिक उपकरण लगाने, कस्टमर के खानपान वाली जगह में सोशल डिस्टेंसिंग, रेस्टोरेंट में कांटेक्ट लेंस सर्विस, समय-समय पर सैनिटाइजर किया जाए। संस्थान के निदेशक ने विशेषज्ञों से आगामी कार्य योजना का खाका भी पूछा। कहा कि इस उद्योग को पटरी पर लाने के लिए शून्य से प्रयास करने होंगे।
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सेमिनार में स्टे्ट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट संस्थान के निदेशक डा. यशपाल नेगी, सहायक प्रोफेसर जसवंत जायडा, राहुल शर्मा और हितेश रमोला ने ऑनलाइन शिरकत की। विशेषज्ञ राकेश कुमार, हरीश चंद्रा, हिमांशु कॉल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद हॉस्पिटैलिटी व्यवसाय में आने वाले प्रभाव पर अभी से नई कार्य योजना बनानी होगी। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सभी होटल विशेषज्ञ वायरस की रोकथाम के लिए सैनेटाइज टनल का प्रयोग किया जाए। साथ ही सभी होटल में नए आधुनिक उपकरण लगाने, कस्टमर के खानपान वाली जगह में सोशल डिस्टेंसिंग, रेस्टोरेंट में कांटेक्ट लेंस सर्विस, समय-समय पर सैनिटाइजर किया जाए। संस्थान के निदेशक ने विशेषज्ञों से आगामी कार्य योजना का खाका भी पूछा। कहा कि इस उद्योग को पटरी पर लाने के लिए शून्य से प्रयास करने होंगे।
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