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साढ़े तीन करोड़ से बना ईवीएम वियर हाउस
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निर्वाचन विभाग को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम वियर हाउस मिल जाएगा। साढ़े तीन करोड़ की लागत से बन रहे ईवीएम हाउस का निर्माण जून तक पूरा हो जाएगा।
जिला मुख्यालय में प्रशासन के पास बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। ऐसे में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशासन को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती थी।
जिले में प्रतापनगर, टिहरी, धनोल्टी, घनसाली, देवप्रयाग और नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र हैं। छह विधानसभा क्षेत्रों में 927 पोलिंग बूथ हैं और करीब चार लाख मतदाता है, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार जिला प्रशासन के पास ईवीएम रखने के लिए पर्याप्त स्थान नही था। विभाग कार्यालय के कुछ कक्षों में ही उपकरण रखकर काम चला रहा था। जिला प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग से कई बार ईवीएम वियर सेंटर बनाने की मांग कर रहा था, जिसके बाद करीब एक साल पहले केंद्र सरकार ने साढ़े तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। निर्वाचन विभाग ने ईवीएम हाउस बनाने का काम ग्रामीण निर्माण विभाग को देकर छह माह के अंदर पूरा करके देने को कहा था। लेकिन मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते ईवीएम वियर हाउस का निर्माण और वक्त लग गया। विभाग ने चार-चार हजार कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट रखने के लिए तीन बड़े हॉल, कर्मियों के बैठने, सुरक्षा कर्मियों के लिए छह कक्ष, शौचालय का निर्माण कर दिया है।
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चार-चार हजार कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट को रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार भवन निर्माण करवाया जा रहा है।
एसएल शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी।
साढ़े तीन करोड़ की लागत से बन रहे ईवीएम वियर हाउस का अवशेष निर्माण तेजी से पूरा करवाया जा रहा है। जून 2021 तक सभी निर्माण कार्यो को पूरा करवाकर भवन निर्वाचन विभाग को भवन हैंडओवर किया जाएगा। वर्तमान में अधिकांश कार्यों को पूरा कर लिया गया है।
-युवराज सिंह ईई, ग्रामीण निर्माण विभाग टिहरी।
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जिला मुख्यालय में प्रशासन के पास बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। ऐसे में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशासन को खासी दिक्कतें उठानी पड़ती थी।
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जिले में प्रतापनगर, टिहरी, धनोल्टी, घनसाली, देवप्रयाग और नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र हैं। छह विधानसभा क्षेत्रों में 927 पोलिंग बूथ हैं और करीब चार लाख मतदाता है, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार जिला प्रशासन के पास ईवीएम रखने के लिए पर्याप्त स्थान नही था। विभाग कार्यालय के कुछ कक्षों में ही उपकरण रखकर काम चला रहा था। जिला प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग से कई बार ईवीएम वियर सेंटर बनाने की मांग कर रहा था, जिसके बाद करीब एक साल पहले केंद्र सरकार ने साढ़े तीन करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। निर्वाचन विभाग ने ईवीएम हाउस बनाने का काम ग्रामीण निर्माण विभाग को देकर छह माह के अंदर पूरा करके देने को कहा था। लेकिन मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते ईवीएम वियर हाउस का निर्माण और वक्त लग गया। विभाग ने चार-चार हजार कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट रखने के लिए तीन बड़े हॉल, कर्मियों के बैठने, सुरक्षा कर्मियों के लिए छह कक्ष, शौचालय का निर्माण कर दिया है।
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चार-चार हजार कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट को रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार भवन निर्माण करवाया जा रहा है।
एसएल शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी।
साढ़े तीन करोड़ की लागत से बन रहे ईवीएम वियर हाउस का अवशेष निर्माण तेजी से पूरा करवाया जा रहा है। जून 2021 तक सभी निर्माण कार्यो को पूरा करवाकर भवन निर्वाचन विभाग को भवन हैंडओवर किया जाएगा। वर्तमान में अधिकांश कार्यों को पूरा कर लिया गया है।
-युवराज सिंह ईई, ग्रामीण निर्माण विभाग टिहरी।