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Tehri News: आपदा के छह माह बाद भी क्षतिग्रस्त पड़ी है पेयजल योजनाएं
Mon, 03 Mar 2025 04:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 03 Mar 2025 04:42 PM IST
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मरम्मत नहीं होने से भिलंग के 17 गांवों में बढ़ने लगा पानी का संकट
नई टिहरी। घनसाली क्षेत्र के भिलंग पट्टी में अगस्त 2024 को आई आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत नहीं हो पाई है। आपदा के बाद जल निगम ने अस्थायी व्यवस्था कर प्लास्टिक के पाइप से लाइन जोड़कर जलापूर्ति सुचारू कराई थी, लेकिन अभी तक पेयजल लाइनों और जलस्रोतों की मरम्मत नहीं होने से अस्थायी व्यवस्था डगमगाने लगी है। इससे भिलंग पट्टी के डेढ़ दर्जन गांव में पेयजल की समस्या पैदा होने लगी है।
भिलंग पट्टी में 20 अगस्त 2024 को आपदा से क्षेत्र की करीब डेढ़ दर्जन गांवों की पेयजल लाइनें भी कई जगहों पर मलबे के साथ बह गई थी। आपदा से जलस्रोतों को भी काफी नुकसान हुआ। तब कई जगहों पर प्लास्टिक के पाइप से लाइन जोड़कर प्रभावित गांवों में जलापूर्ति कराई गई थी, लेकिन अभी तक योजनाओं की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को गर्मियों में पेयजल संकट की चिंता सताने लगी है।
ग्राम पंयांकोटी के नित्यानंद कोठियाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि बीते साल 20 अगस्त को आई आपदा से भिलंग पट्टी के ग्राम थाती, सांकरी, मलेथा, वीना, चंदला, जोगियाणा, चैतवाण गांव, रेतगांव, पनेली, चक्रगांव, बगर और अंकवाण गांव सहित 17 गांवों की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस समय जल निगम ने अस्थायी व्यवस्था करते हुए प्लास्टिक के पाइपों से लाइन जोड़कर जलापूर्ति कराई, लेकिन आपदा के छह माह बाद भी क्षतिग्रस्त योजनाओं और जलस्रोतों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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क्षेत्र के सागर भट्ट, अक्षित रावत, विजय लाल और सत्य प्रसाद सेमवाल ने बताया कि अभी भी जल निगम योजनाओं की मरम्मत शुरू नहीं करता है, तो गर्मियों में क्षेत्र की करीब सात हजार की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
आपदा से भिलंगना ब्लॉक में कई पेयजल योजनाएं और जलस्रोत क्षतिग्रस्त हो गए थे। उनमें भिलंग पट्टी की भी कई योजनाएं हैं। क्षतिग्रस्त योजनाओं पर अस्थायी व्यवस्था कर जलापूर्ति कराई गई थी। अभी वहां 38 योजनाओं की मरम्मत की जानी है। मरम्मत कार्य के लिए निगम मुख्यालय को करीब 2.25 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
- केएन सेमवाल, ईई, पेयजल निगम चंबा।
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नई टिहरी। घनसाली क्षेत्र के भिलंग पट्टी में अगस्त 2024 को आई आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत नहीं हो पाई है। आपदा के बाद जल निगम ने अस्थायी व्यवस्था कर प्लास्टिक के पाइप से लाइन जोड़कर जलापूर्ति सुचारू कराई थी, लेकिन अभी तक पेयजल लाइनों और जलस्रोतों की मरम्मत नहीं होने से अस्थायी व्यवस्था डगमगाने लगी है। इससे भिलंग पट्टी के डेढ़ दर्जन गांव में पेयजल की समस्या पैदा होने लगी है।
भिलंग पट्टी में 20 अगस्त 2024 को आपदा से क्षेत्र की करीब डेढ़ दर्जन गांवों की पेयजल लाइनें भी कई जगहों पर मलबे के साथ बह गई थी। आपदा से जलस्रोतों को भी काफी नुकसान हुआ। तब कई जगहों पर प्लास्टिक के पाइप से लाइन जोड़कर प्रभावित गांवों में जलापूर्ति कराई गई थी, लेकिन अभी तक योजनाओं की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को गर्मियों में पेयजल संकट की चिंता सताने लगी है।
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ग्राम पंयांकोटी के नित्यानंद कोठियाल ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि बीते साल 20 अगस्त को आई आपदा से भिलंग पट्टी के ग्राम थाती, सांकरी, मलेथा, वीना, चंदला, जोगियाणा, चैतवाण गांव, रेतगांव, पनेली, चक्रगांव, बगर और अंकवाण गांव सहित 17 गांवों की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस समय जल निगम ने अस्थायी व्यवस्था करते हुए प्लास्टिक के पाइपों से लाइन जोड़कर जलापूर्ति कराई, लेकिन आपदा के छह माह बाद भी क्षतिग्रस्त योजनाओं और जलस्रोतों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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क्षेत्र के सागर भट्ट, अक्षित रावत, विजय लाल और सत्य प्रसाद सेमवाल ने बताया कि अभी भी जल निगम योजनाओं की मरम्मत शुरू नहीं करता है, तो गर्मियों में क्षेत्र की करीब सात हजार की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा।
आपदा से भिलंगना ब्लॉक में कई पेयजल योजनाएं और जलस्रोत क्षतिग्रस्त हो गए थे। उनमें भिलंग पट्टी की भी कई योजनाएं हैं। क्षतिग्रस्त योजनाओं पर अस्थायी व्यवस्था कर जलापूर्ति कराई गई थी। अभी वहां 38 योजनाओं की मरम्मत की जानी है। मरम्मत कार्य के लिए निगम मुख्यालय को करीब 2.25 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
- केएन सेमवाल, ईई, पेयजल निगम चंबा।