{"_id":"c5b3dfe8bbd7cd8835b5663848a8ad92","slug":"enquiry-of-semalth-drinking-water-supply-project-begin-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेमल्थ पेयजल योजना की होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेमल्थ पेयजल योजना की होगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
Updated Sun, 08 Nov 2015 09:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीडीओ के आदेश पर स्वजल परियोजना के प्रबंधक ने जल संस्थान की ओर से सेमल्थ
विज्ञापन
के लिए स्वैप पैर्टन पर बनाई गई अंदियारगढ़ पेयजल योजना की जांच शुरू कर
दी है। जांच के प्रथम चरण में पेयजल योजना निर्माण में कई तरह की खामियां मिली है। एक सप्ताह के अंतर्गत स्वजल परियोजना प्रबंधक सीडीओ को जांच सौंप देंगे।
नैलचामी पट्टी के ग्राम पंचायत सेमल्थ के कथवाण गांव, रूईस, सेमलधार, ओखला, थपला, पल्यागांव, नरसिंगधार, तिलवाडू तोकों के लिए वर्ष 2013-14 में स्वैप पैटर्न के तहत अंदियारगढ़ से गांव तक चार किमी लंबी पेयजल योजना के लिए 27 लाख की स्वीकृति मिली थी।
योजना निर्माण पूरा किए बिना ही जल संस्थान ने योजना ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी है। ग्रामीणों की मांग पर आठ माह पहले विभाग के अधीक्षण अभियंता ने योजना की जांच कराई थी, जिसमें तिलवाडू और नरसिंग तोको को नहीं जोड़ा गया था। तब एससी ने डीपीआर के तहत स्वीकृत तोको को जोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन उसके बावजूद तोको को आज तक नहीं जोड़ा गया है।
जांच के बाद भी योजना ग्राम सभा को हस्तांतरित करने पर लोगों की शिकायत पर सीडीओ डा. अहमद इकबाल ने चार अक्तूबर को स्वजल परियोजना प्रबंधक सुनील जोशी को जांच के निर्देश दिए थे। बीते सप्ताह स्वजल परियोजना प्रबंधक जोशी ने सेमल्थ पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। जोशी ने बताया कि अब तक की जांच में पुरानी और नई योजना में पानी तो चलता हुआ मिला, लेकिन निर्जन बस्तियों में जहां लोग नहीं रहते वहां भी स्टैंड पोस्ट बनाकर पाइप लाइन जोड़ी गई है। कथवाण गांव और सेमल्थ में पूर्व में बनी योजना को भी अंदियारगढ़ योजना से जोड़ा गया है।
विज्ञापन
नैलचामी पट्टी के ग्राम पंचायत सेमल्थ के कथवाण गांव, रूईस, सेमलधार, ओखला, थपला, पल्यागांव, नरसिंगधार, तिलवाडू तोकों के लिए वर्ष 2013-14 में स्वैप पैटर्न के तहत अंदियारगढ़ से गांव तक चार किमी लंबी पेयजल योजना के लिए 27 लाख की स्वीकृति मिली थी।
योजना निर्माण पूरा किए बिना ही जल संस्थान ने योजना ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी है। ग्रामीणों की मांग पर आठ माह पहले विभाग के अधीक्षण अभियंता ने योजना की जांच कराई थी, जिसमें तिलवाडू और नरसिंग तोको को नहीं जोड़ा गया था। तब एससी ने डीपीआर के तहत स्वीकृत तोको को जोड़ने के आदेश दिए थे, लेकिन उसके बावजूद तोको को आज तक नहीं जोड़ा गया है।
विज्ञापन
जांच के बाद भी योजना ग्राम सभा को हस्तांतरित करने पर लोगों की शिकायत पर सीडीओ डा. अहमद इकबाल ने चार अक्तूबर को स्वजल परियोजना प्रबंधक सुनील जोशी को जांच के निर्देश दिए थे। बीते सप्ताह स्वजल परियोजना प्रबंधक जोशी ने सेमल्थ पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। जोशी ने बताया कि अब तक की जांच में पुरानी और नई योजना में पानी तो चलता हुआ मिला, लेकिन निर्जन बस्तियों में जहां लोग नहीं रहते वहां भी स्टैंड पोस्ट बनाकर पाइप लाइन जोड़ी गई है। कथवाण गांव और सेमल्थ में पूर्व में बनी योजना को भी अंदियारगढ़ योजना से जोड़ा गया है।
विज्ञापन