जिला समाज कल्याण विभाग दफ्तर की शिफ्टिंग का जोरदार विरोध
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जिला समाज कल्याण विभाग का दफ्तर जिला मुख्यालय शिफ्ट किए जाने के विरोध में शुक्रवार को शहरवासियों का आक्रोश भड़क उठा। गुस्साए लोगों ने बाजार और शिक्षण संस्थाएं बंद कर कार्यालय के बाहर नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों को फर्नीचर और फाइलें नहीं उठाने दी। एसडीएम केके मिश्र और सीओ विजेंद्र प्रसाद डोभाल मौके पर पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें डेढ़ घंटे तक दफ्तर से बाहर नहीं आने दिया। लोगों के तेवर देख एसडीएम ने कार्यालय को यथावत रखने का आश्वासन दिया। उसके बाद ही लोग शांत हुए। उनका कहना था कि दफ्तर जबरन शिफ्ट किया गया तो बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग का कार्यालय जिला मुख्यालय शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। दफ्तर का सामान ले जाने के लिए शुक्रवार को प्रशासन की ओर से एक ट्रक यहां भेजा गया था। दफ्तर में कर्मचारी जैसे ही फर्नीचर और फाइलें ट्रक में चढ़ाने लगे तो स्थानीय लोगों को इसकी भनक लग गई। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। उन्होंने दफ्तर शिफ्ट करने का विरोध जताते हुए कार्यालय के बाहर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों को समझाने-बुझाने के लिए उपजिलाधिकारी केके मिश्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी विजेंद्र प्रसाद डोभाल मौके पर पहुंचे तो लोगों ने दोनों अधिकारियों को दफ्तर से बाहर नहीं आने दिया। दोनों अधिकारी डेढ़ घंटे तक कार्यालय में ही बैठे रहे।
धरनास्थल पर हुई सभा में पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने कहा कि अधिकारी राष्ट्रपति शासन की आड़ में जनविरोधी कार्य कर रहे हैं, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पालिकाध्यक्ष दुर्गा राणा ने कहा कि जिला प्रशासन नरेंद्रनगर वासियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहा है। दफ्तर शिफ्ट करने के आदेश जल्द निरस्त नहीं किए गए तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
आज होगी संयोजक मंडल की बैठक
दफ्तर शिफ्टिंग के मामले में अगली रणनीति तय करने के लिए शनिवार को 27 सदस्यीय संयोजक मंडल की बैठक होगी। संयोजक मंडल का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एसडीएम ने बताया था कि शिफ्टिंग का आदेश निरस्त कर दिया गया है, लेकिन उन्हें जब तक इस मामले में लिखित में सूचित नहीं किया जाएगा, वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश कर्णवाल, राजेंद्र राणा, ऋतुराज नेगी, रविंद्र सकलानी, वीपी रयाल, कुसुम, उमा देवी, पुष्पा नेगी, गैणा देवी, जगदंबा देवी नौटियाल,राजू भारती, राजपाल पुंडीर, प्रधान भवान सिंह कैंतुरा, कमल सिंह रावत, आनंद सिंह, धनवीर, सोबन सिंह, नरेंद्र रावत, नीमा, मंजू और पूजा आदि शामिल थे।