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18 वर्ष बाद भी नहीं बन पाया महाविद्यालय का भवन
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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को 18 वर्ष बाद भी अपना भवन और भूमि नहीं मिल पाई है, जिसके चलते महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे हैं। तीन विधानसभा चुनाव में महाविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का वादा कर वोट बटोरने वाले प्रतिनिधि समस्या का समाधान नहीं कर पाए हैं। इस बार के विधानसभा चुनाव में उतरे उम्मीदवारों से छात्र-छात्राएं महाविद्यालय के भवन और भूमि उपलब्ध करवाने का पक्का वादा चाहते हैं।
वर्ष 2003 में चंबा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी जीआईटीआई भवन में अस्थायी व्यवस्था पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन 18 वर्ष बाद भी महाविद्यालय को अपना भवन और भूमि नहीं मिल पाई है। महाविद्यालय में वर्तमान में साढ़े छह सौ अधिक छात्र-छात्राएं हैं। बावजूद छात्रों को कक्षा-कक्ष, खेल मैदान, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, शिक्षकों को ऑफिस समेत अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं लंबे समय से महाविद्यालय को भूमि आवंटन कर भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं। बावजूद छात्रों की मांग पूरी नहीं हो रही है। वर्ष 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने छात्रों से महाविद्यालय को भूमि आवंटन कर भवन निर्माण का वायदा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपना वादा भूल गए।
छात्रों का कहना है
महाविद्यालय के भवन और भूमि की समस्या का वर्षो बाद भी निराकरण नहीं हुआ है। इस बार के चुनाव में पक्का वाद करने वाले व्यक्ति को ही छात्र-छात्राएं समर्थन करेंगे। ताकि भवन निर्माण की समस्या दूर हो सके। - अभिषेक पलवान, छात्र पीजी कॉलेज नई टिहरी।
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विधानसभा चुनाव में हर उम्मीदवार युवाओं, छात्रों की बातें जोरशोर से करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद समस्या का निराकरण नहीं करते हैं। इससे महाविद्यालय के छात्रों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। - आशीष, पीजी कॉलेज नई टिहरी।
महाविद्यालय का भवन निर्माण न होने से कॉलेज को यूजीसी ग्रांट नहीं मिल पा रही है, जिससे महाविद्यालय में सुविधाओं का अभाव बना है। छात्र इस बार भवन निर्माण का पूरा भरोसा देने वाले व्यक्ति को ही वोट देंगे। - दीप्ति पथरियाल, पीजी कॉलेज नई टिहरी।
चुनाव में नेता युवाओं से बड़े-बड़े वायदे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वायदा भूल जाते हैं। इस चुनाव में छात्रों की मांग को प्रमुखता से अपने घोषणापत्र में शामिल करवाने वाले व्यक्ति को ही वोट करेंगे। - दीप्ति, पीजी कॉलेज नई टिहरी।
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वर्ष 2003 में चंबा स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नई टिहरी जीआईटीआई भवन में अस्थायी व्यवस्था पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन 18 वर्ष बाद भी महाविद्यालय को अपना भवन और भूमि नहीं मिल पाई है। महाविद्यालय में वर्तमान में साढ़े छह सौ अधिक छात्र-छात्राएं हैं। बावजूद छात्रों को कक्षा-कक्ष, खेल मैदान, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, शिक्षकों को ऑफिस समेत अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं लंबे समय से महाविद्यालय को भूमि आवंटन कर भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं। बावजूद छात्रों की मांग पूरी नहीं हो रही है। वर्ष 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने छात्रों से महाविद्यालय को भूमि आवंटन कर भवन निर्माण का वायदा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपना वादा भूल गए।
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छात्रों का कहना है
महाविद्यालय के भवन और भूमि की समस्या का वर्षो बाद भी निराकरण नहीं हुआ है। इस बार के चुनाव में पक्का वाद करने वाले व्यक्ति को ही छात्र-छात्राएं समर्थन करेंगे। ताकि भवन निर्माण की समस्या दूर हो सके। - अभिषेक पलवान, छात्र पीजी कॉलेज नई टिहरी।
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विधानसभा चुनाव में हर उम्मीदवार युवाओं, छात्रों की बातें जोरशोर से करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद समस्या का निराकरण नहीं करते हैं। इससे महाविद्यालय के छात्रों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। - आशीष, पीजी कॉलेज नई टिहरी।
महाविद्यालय का भवन निर्माण न होने से कॉलेज को यूजीसी ग्रांट नहीं मिल पा रही है, जिससे महाविद्यालय में सुविधाओं का अभाव बना है। छात्र इस बार भवन निर्माण का पूरा भरोसा देने वाले व्यक्ति को ही वोट देंगे। - दीप्ति पथरियाल, पीजी कॉलेज नई टिहरी।
चुनाव में नेता युवाओं से बड़े-बड़े वायदे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वायदा भूल जाते हैं। इस चुनाव में छात्रों की मांग को प्रमुखता से अपने घोषणापत्र में शामिल करवाने वाले व्यक्ति को ही वोट करेंगे। - दीप्ति, पीजी कॉलेज नई टिहरी।