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बिजली के इंतजार में 74 परिवारों की पत्थरा गई आखें

Sun, 17 Nov 2019 09:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2019 09:48 PM IST
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Children forced to study with the help of lantern
केंद्र सरकार की दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना प्रतापनगर ब्लाक के गांवों में परवान नहीं चढ़ पा रही है। मुखमाल गांव के बच्चे लालटेन के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बिजली के अभाव में तीनों तोकों में निवासरत 74 परिवार संचार सुविधा से भी वंचित है। लेकिन जिम्मेदार ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 2016 के बाद इन तोकों की ओर कभी रुख करने की जरूरत नहीं समझी।
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दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत केंद्र सरकार ने हर गांव और घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारी सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना को खुद ही पलीता लगाने का काम रहे हैं। ग्राम पंचायत मुखमालगांव के कनुन तोक में 25, बिजबरौ में 32 और थगरा तोक में 17 परिवार वर्षों से निवासरत हैं।
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सोमवार को मुखमालगांव के बीडीसी सदस्य राकेश राणा, प्रधान मीना देवी, प्रमिला देवी, ज्योत सिंह नेगी, बलवीर सिंह राणा, शंभू सिंह राणा, शूरवीर सिंह राणा, राम सिंह राणा डीएम डा. वी षणमुगम से मिले। उन्होंने डीएम से कनुन, बिजबरौ और थगरा तोक का विद्युतीकरण करने की गुहार लगाई। डीएम ने ऊर्जा निगम के ईई को शीघ्र ही सर्वे कर तीनों तोकों के लोगों को बिजली की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम के ईई राकेश कुमार ने बताया कि 2016 में तीनों तोकों का सर्वे हुआ था। सर्वे में पाया गया था कि इन तोको में बने आवासीय भवनों में लोग नहीं रहते हैं। एसडीओ और जेई को वहां भेजकर दोबरा सर्वे रिपोर्ट मांगी गई है।
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