ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर आकर्षक एलईडी लाइटों से जगमगाएगी चंबा सुरंग
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ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग पर चंबा शहर के नीचे सुरंग से आवाजाही करने वालों को चारधाम मंदिर के दर्शन करने को मिलेंगे। बीआरओ सुरंग के दोनों ओर के प्रवेश द्वार पर पेंटिंग से चारधाम केे मंदिर को उकेरकर उन्हें खूबसूरती से सजाने में जुटा है। साथ ही एलईडी लाइट भी लगाई जा रही है।
चारधाम परियोजना के तहत चंबा शहर के नीचे नवनिर्मित सुरंग का श्रीगणेश करने से पहले इसको आकर्षक बनाया जा रहा है। बीआरओ पर्यटकों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सुरंग में सुंदर चित्रकारी कर उनकी खूबसूरती में चार चांद लगाने की तैयारी कर रहा है।
सुरंग को सजाने के लिए चार थीम बनाई गई हैं। इसके लिए टनल के एक छोर पर गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर, तो दूसरी ओर से बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर को चित्रकारी कर सजाया जा रहा है।
ऋषिकेश से गंगोत्री की यात्रा करते हुए श्रद्धालुओं को गंगोत्री यमुनोत्री मंदिर के दर्शन होंगे। वहीं यात्रा से लौटकर आगे की यात्रा करते समय केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन होंगे। सुरंग के सुंदरीकरण का काम पूरा होते ही जल्द ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इसका श्रीगणेश कर सकते हैं।
पेंटिंग का मकसद सुरंग से आवाजाही करने वाले लोगों का अनूठे अंदाज में स्वागत करना है। सुरंग को जगमगाने के लिए आकर्षक किस्म की एलईडी लाइटिंग भी लगाई जा रही है।
- आशु राठौर, चीफ इंजीनियर, बीआरओ।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में बनेगी 20 किलोमीटर लंबी टनल
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में पहाड़ के नीचे से 20 किलोमीटर लंबी टनल बनेगी। हिमालयी क्षेत्र में यह अब तक की सबसे लंबी टनल होगी। इसके लिए एलएंडटी कंपनी के साथ रेल विकास निगम ने 3338 करोड़ का अनुबंध किया है। परियोजना के तहत बनने वाले 12 रेलवे स्टेशनों में से 10 स्टेशन पुलों के ऊपर और सुरंग के अंदर होंगे। इन स्टेशनों का प्लेटफार्म वाला हिस्सा ही खुली जमीन पर दिखाई देगा।
125.20 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग परियोजना का 84.24 फीसदी भाग (105.47 किलोमीटर) भूमिगत है। खास बात यह है कि ज्यादातर रेलवे स्टेशनों का आंशिक भाग भी सुरंग के अंदर होगा। 12 स्टेशनों में से शिवपुरी और ब्यासी स्टेशन का कुछ ही भाग खुला रहेगा। शेष भाग सुरंग के अंदर और पुल के ऊपर रहेगा।