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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के परिवार सहित आठ के खिलाफ मुकदमा
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क्वारंटीन नहीं रहने पर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट और बीमारी फैलाने का मुकदमा दर्ज किया है। गोदडी गांव की प्रधान सोनिका देवी चौहान की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उधर, देवप्रयाग थाने में भी दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, चिन्यालीसौड़ में भी होम क्वारंटीन का पालन नहीं करने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उसके परिवार के साथ ही दो अन्य प्रवासियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रधान की ओर से थाने में दी गई तहरीर में बताया गया है कि गांव का बृजमोहन सिंह उसकी पत्नी और बेटी 16 मई को दिल्ली से आए थे। उन्हें गांव के स्कूल में संस्थागत क्वारंटीन किया गया था, लेकिन क्वारंटीन अवधि पूरा होने से पहले ही बृजमोहन क्वारंटीन सेंटर से भागकर अपनी पत्नी और बेटी को लेकर गांव में आ गया है। समझाने बुझाने पर उसने गाली गलौज की। थानाध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि प्रधान की तहरीर के आधार पर बृजमोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल वह पत्नी और बेटी के साथ गांव से दूर छानी (गोशाल) में क्वारंटीन है। उधर, देवप्रयाग थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि भुटली निवासी पशुपति और गुदाण निवासी मानवेंद्र को अन्य प्रदेशों से आने के कारण अपने अपने गांवों में क्वारंटीन किया गया है, लेकिन वह क्वारंटीन रहने के बजाय बाहर घूम रहे थे। सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं, चिन्यालीसौड़ ब्लॉक स्थित बनकोट गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता रतूड़ी बीते 20 मई को अपने पति ओमप्रकाश एवं बेटे अमन के साथ दिल्ली से गांव लौटी थी। सभी को गांव में ही पंचायत घर में क्वारंटीन किया गया, लेकिन वह दूसरे दिन ही परिवार सहित घर चली गई। शिकायत मिलते ही राजस्व विभाग ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसी गांव के दो अन्य प्रवासी शशि भूषण एवं निर्मला देवी के खिलाफ भी क्वारंटीन नियमों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया। बीते 15 मई को जम्मू से लौटे दोनों प्रवासियों को भी पंचायतघर में क्वारंटीन किया गया था, लेकिन वे वहां से घर चले गए थे।
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उधर, देवाल में भी दो लोग दमन से ताजपुर गांव पहुंचे। राजस्व पुलिस ने दोनों को क्वारंटीन सेंटर भेजा। पटवारी प्रमोद नेगी ने बताया कि ग्राम प्रहरी की सूचना पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्रधान की ओर से थाने में दी गई तहरीर में बताया गया है कि गांव का बृजमोहन सिंह उसकी पत्नी और बेटी 16 मई को दिल्ली से आए थे। उन्हें गांव के स्कूल में संस्थागत क्वारंटीन किया गया था, लेकिन क्वारंटीन अवधि पूरा होने से पहले ही बृजमोहन क्वारंटीन सेंटर से भागकर अपनी पत्नी और बेटी को लेकर गांव में आ गया है। समझाने बुझाने पर उसने गाली गलौज की। थानाध्यक्ष विनोद राणा ने बताया कि प्रधान की तहरीर के आधार पर बृजमोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल वह पत्नी और बेटी के साथ गांव से दूर छानी (गोशाल) में क्वारंटीन है। उधर, देवप्रयाग थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि भुटली निवासी पशुपति और गुदाण निवासी मानवेंद्र को अन्य प्रदेशों से आने के कारण अपने अपने गांवों में क्वारंटीन किया गया है, लेकिन वह क्वारंटीन रहने के बजाय बाहर घूम रहे थे। सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
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वहीं, चिन्यालीसौड़ ब्लॉक स्थित बनकोट गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता रतूड़ी बीते 20 मई को अपने पति ओमप्रकाश एवं बेटे अमन के साथ दिल्ली से गांव लौटी थी। सभी को गांव में ही पंचायत घर में क्वारंटीन किया गया, लेकिन वह दूसरे दिन ही परिवार सहित घर चली गई। शिकायत मिलते ही राजस्व विभाग ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसी गांव के दो अन्य प्रवासी शशि भूषण एवं निर्मला देवी के खिलाफ भी क्वारंटीन नियमों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया। बीते 15 मई को जम्मू से लौटे दोनों प्रवासियों को भी पंचायतघर में क्वारंटीन किया गया था, लेकिन वे वहां से घर चले गए थे।
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उधर, देवाल में भी दो लोग दमन से ताजपुर गांव पहुंचे। राजस्व पुलिस ने दोनों को क्वारंटीन सेंटर भेजा। पटवारी प्रमोद नेगी ने बताया कि ग्राम प्रहरी की सूचना पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।