उत्तराखंड आंदोलन के प्रणेता व उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी की जयंती संस्कृति दिवस के रूप में मनाई गई। बडोनी को उनके पैत्रिक गांव अखोड़ी के गोदाधार में स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जीआईसी अखोड़ी में आयोजित कार्यक्रम में लोक गायक धनराज शौर्य व सीमा पंगरियाल और स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। रंगकर्मी विशाल नैथानी ने बडोनी पर रचित गीतों की प्रस्तुती दी। यहां बौराड़ी में बडोनी के जीवन पर फोटो प्रदर्शनी और बुजुर्ग संस्मरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
भिलंगना ब्लाक में ग्राम अखोड़ी के गोदाधार में बडोनी के पैत्रिक गांव में स्थित स्मारक पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए उनके संघर्षों को याद कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। ब्लाक प्रमुख बसुमति घणाता और जिला पंचायत सदस्य रघुवीर सजवाण ने कहा कि उनकी यादों को संजोने का काम किया जा रहा है। इस दौरान समूह फाउंडेशन ने छात्रों को कंप्यूटर प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर स्मृति मंच के अध्यक्ष लोकानंद डंगवाल, संस्थापक रमेश उनियाल, डा. जेपी नवानी, दर्शन लाल आर्य, सच्चिदानंद जोशी, शिव प्रसाद डंगवाल, राकेश डंगवाल, सुशीला बलोनी, डा. केदार सिंह मेहरा, सरोप सिंह मेहरा, धनीलाल शाह, प्रधान मीना देवी, हरीश उनियाल और गिरीश बडोनी आदि मौजूद थे। उधर बौराड़ी में संस्कृति कर्मी महीपाल नेगी की पहल पर बडोनी के जीवन पर फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान रोटाना वितरित किए गए।