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सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं हुआ डामरीकरण
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टिहरी और प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित जाख-डोबरा मोटर मार्ग पर सीएम की घोषणा के बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। थौलधार, प्रतापनगर और चारधाम यात्रा को जोड़ने वाली इस सड़क की खस्ताहाल स्थिति में कोई सुधार न होने से लोग जोखिमभरा सफर करने के लिए मजबूर हैं। डोबरा से आगे कमांद तक आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क पर बमुश्किल वाहनों का आवागमन हो पा रहा है। इस लापरवाही पर क्षेत्र के लोगों में रोष बना है।
जाख-डोबरा मार्ग का निर्माण वर्ष 2006 में किया गया था, लेकिन इस पर डामरीकरण नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों ने सड़क के डामरीकरण की मांग के लिए कई आंदोलन किए। गत वर्ष नवंबर माह में डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। जाख-डोबरा सड़क संकरी होने के साथ-साथ जगह-जगह गड्ढे बने हैं। वहीं टिहरी झील किनारे बनी इस सड़क पर सुरक्षा के लिए पैरापिट और क्रश बैरियर भी पर्याप्त नहीं हैं, जिस कारण इस सड़क पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व पंचायत सदस्य प्रमोद नेगी का कहना है कि इस मार्ग से गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को चंबा से 10 किमी कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके साथ ही थौलधार के दर्जनों गांव और प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों के लिए जाख-डोबरा मोटर मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की मांग पर 2021 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और सेम मुखेम मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जाख-डोबरा सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण की घोषणा की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। शासन-प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली से स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
जाख-डोबरा सड़क डामरीकरण और सुधारीकरण का अभी शासनादेश नहीं हुआ है। बजट मिलने पर सड़क पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। - दिनेश मोहन गुप्ता, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी।
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जाख-डोबरा मार्ग का निर्माण वर्ष 2006 में किया गया था, लेकिन इस पर डामरीकरण नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों ने सड़क के डामरीकरण की मांग के लिए कई आंदोलन किए। गत वर्ष नवंबर माह में डोबरा-चांठी पुल का लोकार्पण होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। जाख-डोबरा सड़क संकरी होने के साथ-साथ जगह-जगह गड्ढे बने हैं। वहीं टिहरी झील किनारे बनी इस सड़क पर सुरक्षा के लिए पैरापिट और क्रश बैरियर भी पर्याप्त नहीं हैं, जिस कारण इस सड़क पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व पंचायत सदस्य प्रमोद नेगी का कहना है कि इस मार्ग से गंगोत्री-यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को चंबा से 10 किमी कम दूरी तय करनी पड़ती है। इसके साथ ही थौलधार के दर्जनों गांव और प्रतापनगर क्षेत्र के लोगों के लिए जाख-डोबरा मोटर मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की मांग पर 2021 में तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और सेम मुखेम मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जाख-डोबरा सड़क सुधारीकरण और डामरीकरण की घोषणा की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। शासन-प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली से स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
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जाख-डोबरा सड़क डामरीकरण और सुधारीकरण का अभी शासनादेश नहीं हुआ है। बजट मिलने पर सड़क पर मरम्मत कार्य किया जाएगा। - दिनेश मोहन गुप्ता, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड बौराड़ी।
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