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Tehri News: अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी को बचाने का आरोप
Sun, 04 Jan 2026 06:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 04 Jan 2026 06:34 PM IST
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सुप्रीम या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच कराने की मांग
नई टिहरी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट और जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार पर वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले में भी वीआईपी का जिक्र है जबकि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उनकी महिला मित्र उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप में साफतौर पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री का नाम आया है। ऐसे में इस प्रकरण की सुप्रीम या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच की जानी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भट्ट और जिलाध्यक्ष खंडवाल ने कहा कि अपर सेशन कोर्ट के फैसले में पेज नंबर 72 के पैरा 67 में स्पष्ट है कि अंकिता भंडारी को वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाया गया था जिसका जिक्र अंकिता और उनके जम्मू-कश्मीर के मित्र की व्हाट्सएप चैट में भी है। ऐसे में यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है।
वहीं राठौड़ और उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप में खुलासा किया गया है। जिससे इस मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। आरोप लगाया कि एसआईटी ने गहन जांच नहीं की। आखिर विधायक और भाजपा नेत्री ने क्यों जांच से पहले ही रेस्टोरेंट के घटना वाले कमरे को ध्वस्त कराया। पत्रकार वार्ता में नरेंद्र चंद रमोला, हरि सिंह मखलोगा, ज्ञान सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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नई टिहरी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट और जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार पर वीआईपी को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले में भी वीआईपी का जिक्र है जबकि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ और उनकी महिला मित्र उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप में साफतौर पर भाजपा के प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री का नाम आया है। ऐसे में इस प्रकरण की सुप्रीम या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच की जानी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता भट्ट और जिलाध्यक्ष खंडवाल ने कहा कि अपर सेशन कोर्ट के फैसले में पेज नंबर 72 के पैरा 67 में स्पष्ट है कि अंकिता भंडारी को वीआईपी को एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाया गया था जिसका जिक्र अंकिता और उनके जम्मू-कश्मीर के मित्र की व्हाट्सएप चैट में भी है। ऐसे में यह प्रकरण अत्यंत गंभीर है।
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वहीं राठौड़ और उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप में खुलासा किया गया है। जिससे इस मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। आरोप लगाया कि एसआईटी ने गहन जांच नहीं की। आखिर विधायक और भाजपा नेत्री ने क्यों जांच से पहले ही रेस्टोरेंट के घटना वाले कमरे को ध्वस्त कराया। पत्रकार वार्ता में नरेंद्र चंद रमोला, हरि सिंह मखलोगा, ज्ञान सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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