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जर्जर हो चुकी जिले की 80 राजस्व चौकियां
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टिहरी जिले की 80 राजस्व उप निरीक्षक चौकियां जर्जर बनी है। राजस्व परिषद और जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों से मरम्मत का प्रस्ताव मांगा है, लेकिन तहसीलों से प्रस्ताव जिला प्रशासन को नहीं मिल रहे हैं। मरम्मत न होने से राजस्व उपनिरीक्षक चौकियां में न बैठकर सुविधाजनक स्थानों में कार्यालय खोलकर जमे हुए हैं। ग्रामीण कई किमी का सफर कर कामकाज करवाने को राजस्व उप निरीक्षकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जिले के प्रतापनगर, घनसाली, बालगंगा, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, जाखणीधार, नरेंद्रनगर, कंडीसौड़, धनोल्टी, टिहरी, नैनबाग समेत दो उप तहसीलों में 183 राजस्व उप निरीक्षक चौकियां है, जिनमें से 136 चौकियां कई साल पहले निर्मित हो गई थी। लेकिन अधिकांश पर राजस्व उपनिरीक्षकों के न बैठने से लेकर अन्य कारणों से करीब 80 चौकियां जर्जर बनी है। उत्तराखंड राजस्व परिषद, जिला प्रशासन ने तहसीलों को कई बार पत्र भेजकर चौकियां की मरम्मत और नए निर्माण हेतु आगणन मांगे है, लेकिन तहसीलों से जिला प्रशासन को प्रस्ताव नहीं मिल पा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने इस वर्ष फरवरी से लेकर जून 2020 में सभी तहसीलों को पत्र भेजकर चौकियों की मरम्मत हेतु ग्रामीण निर्माण विभाग से आगणन तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन गजा को छोड़कर अन्य किसी तहसील ने आगणन नहीं भेजे है। गजा से भेजे गए आगणन को प्रशासन ने राजस्व परिषद को भेज दिया है। जबकि अन्य तहसीलों से प्रस्ताव आने का इंतजार है। ऐसे में यदि चौकियों की मरम्मत हो जाती, तो निरीक्षकों को भी काम में सुविधा से लेकर ग्रामीणों को भी आसानी मिलती।
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गजा तहसील से चौकियों के मरम्मत के लिए प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें राजस्व परिषद को भेज दिया गया है। अन्य एसडीएम को फिर से पत्र भेजकर तत्काल आगणन भेजने को कहा गया है।
-शिव चरण द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी टिहरी।
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जिले के प्रतापनगर, घनसाली, बालगंगा, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, जाखणीधार, नरेंद्रनगर, कंडीसौड़, धनोल्टी, टिहरी, नैनबाग समेत दो उप तहसीलों में 183 राजस्व उप निरीक्षक चौकियां है, जिनमें से 136 चौकियां कई साल पहले निर्मित हो गई थी। लेकिन अधिकांश पर राजस्व उपनिरीक्षकों के न बैठने से लेकर अन्य कारणों से करीब 80 चौकियां जर्जर बनी है। उत्तराखंड राजस्व परिषद, जिला प्रशासन ने तहसीलों को कई बार पत्र भेजकर चौकियां की मरम्मत और नए निर्माण हेतु आगणन मांगे है, लेकिन तहसीलों से जिला प्रशासन को प्रस्ताव नहीं मिल पा रहे हैं।
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जिला प्रशासन ने इस वर्ष फरवरी से लेकर जून 2020 में सभी तहसीलों को पत्र भेजकर चौकियों की मरम्मत हेतु ग्रामीण निर्माण विभाग से आगणन तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे। लेकिन गजा को छोड़कर अन्य किसी तहसील ने आगणन नहीं भेजे है। गजा से भेजे गए आगणन को प्रशासन ने राजस्व परिषद को भेज दिया है। जबकि अन्य तहसीलों से प्रस्ताव आने का इंतजार है। ऐसे में यदि चौकियों की मरम्मत हो जाती, तो निरीक्षकों को भी काम में सुविधा से लेकर ग्रामीणों को भी आसानी मिलती।
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गजा तहसील से चौकियों के मरम्मत के लिए प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें राजस्व परिषद को भेज दिया गया है। अन्य एसडीएम को फिर से पत्र भेजकर तत्काल आगणन भेजने को कहा गया है।
-शिव चरण द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी टिहरी।