झील में डूबी करोड़ाें की फ्लोटिंग मरीना को निकालने में अब लगेंगे नौ लाख रुपये
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टिहरी झील में डूबी फ्लोटिंग मरीना को निकालने की कवायद शुरू हो गई है। मरीना को पानी से बाहर निकालने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। शासन ने लोनिवि को मरीना को निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है। मरीना को पानी से बाहर निकालने में नौ लाख खर्च होने की उम्मीद है।
टिहरी झील में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015 में प्रदेश सरकार ने साढ़े चार करोड़ की मरीना को झील में उतरा था। फ्लोटिंग मरीना में झील क्षेत्र में आने वाले सैलानियों को भोजन और अन्य खाद्य पदार्थ की सुविधा प्रदान करना था, लेकिन मरीना का संचालन न होने पर वह झील किनारे खड़ी थी।
16 मई 2018 में मरीना में पहली बार कैबिनेट की बैठक भी हुई थी। बीते सात मई को टिहरी झील का जलस्तर कम होने पर झील किनारे खड़ी फ्लोटिंग मरीना का एक हिस्सा टेढ़ा होकर झील में डूब गया था।
हालांकि उसी दिन बीआरओ, लोनिवि के अधिकारियों ने रस्सों और लोहे के एंगिलों से फ्लोटिंग मरीना को बांधकर खड़ा कर दिया था, लेकिन झील किनारे दलदल अधिक होने के कारण मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा नहीं कर पाए थे।
डीएम की रिपोर्ट पर पर्यटन विभाग ने लोनिवि को मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने के लिए नौ लाख का प्रस्ताव भेजा था। शासन के निर्देश पर लोनिवि ने मरीना को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने का काम शुरू कर दिया है।
लोनिवि के ईई केएस नेगी ने बताया कि झील किनारे दलदल होने के कारण पहले प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। तीन-चार दिन के अंतर्गत मरीना को पानी से बाहर निकाल दिया जाएगा, जिसके बाद मरीना का मरम्मत कार्य शुरू होगा।