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आपातकालीन 108 सेवा कर्मियों की नौकरी पर संकट
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नई टिहरी। ग्यारह सालों से आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा में कार्य कर रहे फील्ड कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सरकार ने सेवा संचालन का कार्य दूसरी कंपनी को सौंप दिया है, लेकिन पहले से काम कर रहे कर्मियों के भविष्य की कोई गारंटी नहीं ली है। इससे जिलेे में करीब 64 कर्मचारी रोजगार के लिए खासे चिंतित हैं। गुस्साए कर्मियों ने 24 अप्रैल को अवकाश लेकर सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा फील्ड कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने बताया कि वह खुशियों की सवारी और एंबुलेंस सेवा में पिछले 11 सालों से सेवा देते आ रहे हैं। अब सरकार ने सेवा संचालन का अनुबंध कैंप नाम की कंपनी से किया है, जिसके तहत कंपनी 30 अप्रैल के बाद कार्यभार संभाल लेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी पुराने कर्मियों को नहीं रखती है, तो 30 अप्रैल के बाद सभी 64 फील्ड कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार सेवा में काम करने से पहले पैरामेडिकल कर्मियों को 53 दिन और चालकों को एक सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन नई कंपनी बगैर ट्रेनिंग दिए बिना ही नए कर्मचारी भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि पुराने सभी कर्मियों को सेवा में नहीं लिया जाता है, तो 108 सेवा के फील्ड कर्मचारी 24 अप्रैल को सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून कूच कर सचिवालय का घेराव करेंगे।
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आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा फील्ड कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने बताया कि वह खुशियों की सवारी और एंबुलेंस सेवा में पिछले 11 सालों से सेवा देते आ रहे हैं। अब सरकार ने सेवा संचालन का अनुबंध कैंप नाम की कंपनी से किया है, जिसके तहत कंपनी 30 अप्रैल के बाद कार्यभार संभाल लेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी पुराने कर्मियों को नहीं रखती है, तो 30 अप्रैल के बाद सभी 64 फील्ड कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार सेवा में काम करने से पहले पैरामेडिकल कर्मियों को 53 दिन और चालकों को एक सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन नई कंपनी बगैर ट्रेनिंग दिए बिना ही नए कर्मचारी भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि पुराने सभी कर्मियों को सेवा में नहीं लिया जाता है, तो 108 सेवा के फील्ड कर्मचारी 24 अप्रैल को सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून कूच कर सचिवालय का घेराव करेंगे।
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