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मदद के लिए आगे बढ़ने लगे है हाथ
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कंडीसौड़ (टिहरी)। माता पिता का साया छिन जाने के बाद अनाथ हो चुके बच्चों की मदद के लिए विभिन्न संस्थाएं और समाजसेवी लोग आगे आए हैं। ग्रामीणों के साथ कई प्रतिष्ठित लोगों ने परिवार की बड़ी बेटी बबीता की शादी में मदद के लिए भी हाथ बढ़ाया है।
अंधियारी मय चापड़ा (काथणा) गांव निवासी ज्योति प्रसाद जगूड़ी और उनकी पत्नी राजमति देवी की बीते मंगलवार को ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर मठियाली के समीप वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति-पत्नी बड़ी बेटी बबीता की शादी का सामान खरीदने चिन्यालीसौड़ जा रहे थे। बबीता की 28 अप्रैल को शादी होनी थी। माता-पिता की मौत के बाद बबीता की शादी, छोटे बच्चों की परवरिश और शिक्षा के लिए क्षेत्र के लोग आर्थिक मदद के लिए मुहिम चला रहे है। वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल गुसाईं ने बताया कि आज सुबोध पैन्यूली और होली डे हिल्स ऋषिकेश ने बबीता को आर्थिक मदद दी है। देहरादून के उद्योगपति सत्ये सिंह नेगी, प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा. महेश कुड़ियाल और ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति रानीचौरी के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने भी पीड़ित परिवार की मदद को हाथ बढ़ाया है। अंधियारी चापड़ा की प्रधान उर्मिला देवी के पति पारशमणी सेमवाल ने बताया कि बबीता की शादी में गांव के लोग भी अपनी इच्छानुसार मदद करेंगे।
इनसेट
सेवा टीएचडीसी उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा
नई टिहरी। जिला प्रशासन ने भी बबीता और उसके भाई तथा बहन की मदद करने का निर्णय लिया है। डीएम सोनिका, एसडीएम रविंद्र जुवांठा ने बताया कि सेवा टीएचडीसी अनाथ बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएगी। प्रस्ताव सेवा टीएचडीसी को भेजा गया है। फिलहाल पीड़ित परिवार को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। बृहस्पतिवार तक मुआवजा राशि का भुगतान भी कर दिया जाएगा। डीएम ने कहा बच्चों की पढ़ाई किसी भी दशा में बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि हादसे में मृत ज्योति प्रसाद जगूड़ी की दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं। बड़ी पुत्री बबीता के अलावा दूसरी पुत्री राधिका (14 वर्ष) दोनों पैरों से दिव्यांग है। वह चलने में असमर्थ है। दो पुत्रों में
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बड़ा बेटा दीपक (10) वर्ष कक्षा छह और प्रदीप (7 वर्ष) कक्षा चार में पढ़ता है।
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अंधियारी मय चापड़ा (काथणा) गांव निवासी ज्योति प्रसाद जगूड़ी और उनकी पत्नी राजमति देवी की बीते मंगलवार को ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर मठियाली के समीप वाहन दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति-पत्नी बड़ी बेटी बबीता की शादी का सामान खरीदने चिन्यालीसौड़ जा रहे थे। बबीता की 28 अप्रैल को शादी होनी थी। माता-पिता की मौत के बाद बबीता की शादी, छोटे बच्चों की परवरिश और शिक्षा के लिए क्षेत्र के लोग आर्थिक मदद के लिए मुहिम चला रहे है। वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल गुसाईं ने बताया कि आज सुबोध पैन्यूली और होली डे हिल्स ऋषिकेश ने बबीता को आर्थिक मदद दी है। देहरादून के उद्योगपति सत्ये सिंह नेगी, प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा. महेश कुड़ियाल और ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति रानीचौरी के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने भी पीड़ित परिवार की मदद को हाथ बढ़ाया है। अंधियारी चापड़ा की प्रधान उर्मिला देवी के पति पारशमणी सेमवाल ने बताया कि बबीता की शादी में गांव के लोग भी अपनी इच्छानुसार मदद करेंगे।
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सेवा टीएचडीसी उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा
नई टिहरी। जिला प्रशासन ने भी बबीता और उसके भाई तथा बहन की मदद करने का निर्णय लिया है। डीएम सोनिका, एसडीएम रविंद्र जुवांठा ने बताया कि सेवा टीएचडीसी अनाथ बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएगी। प्रस्ताव सेवा टीएचडीसी को भेजा गया है। फिलहाल पीड़ित परिवार को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है। बृहस्पतिवार तक मुआवजा राशि का भुगतान भी कर दिया जाएगा। डीएम ने कहा बच्चों की पढ़ाई किसी भी दशा में बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। बता दें कि हादसे में मृत ज्योति प्रसाद जगूड़ी की दो पुत्रियां और दो पुत्र हैं। बड़ी पुत्री बबीता के अलावा दूसरी पुत्री राधिका (14 वर्ष) दोनों पैरों से दिव्यांग है। वह चलने में असमर्थ है। दो पुत्रों में
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बड़ा बेटा दीपक (10) वर्ष कक्षा छह और प्रदीप (7 वर्ष) कक्षा चार में पढ़ता है।