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मनरेगा श्रमिकों का लंबे समय बाद भी नही हुआ भुगतान
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लाक में मनरेगा के कार्यों का करीब ढाई करोड़ का भुगतान लंबे समय बाद भी हुआ है। मनरेगा के कार्यों का भुगतान न होने के कारण श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट बना हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार श्रमिकों के भुगतान हेतु बजट नही दे रही है। जिससे श्रमिकों में रोष है।
केंद्र सरकार ने ग्रामीणों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए 2005 में मनरेगा योजना शुरू की थी। योजना के तहत प्रत्येक जॉब कार्ड धारक को एक साल में सौ दिन का रोजगार देने और भुगतान 15 में ऑनलाइन खातों में करने का प्राविधान था। भिलंगना ब्लाक के 183 गांव पंचायतों में मनरेगा के जॉब कार्डधारकों ने अपने-अपने गांव में आजीविका संवर्द्धन, सिंचाई गूल, नर्सरी, औषधि, भूमि सुधार, सुरक्षा दीवार, बाढ़ नियंत्रण, गोशाला आदि कार्यों में काम किया था। उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय में उनका भुगतान हो जाएगा, लेकिन अगस्त 2018 से अभी तक श्रमिकों का भुगतान नही हो पाया है। मनरेगा श्रमिक कौशल्या देवी, मासांती देवी, लीलावती, शाकंबरी, कौंशा देवी, भजन सिंह, महिताब सिंह, डब्बल सिंह, चैत सिंह, बैशाख सिंह, मित्रानंद, भगवती प्रसाद, जीतलाल, गोविंद लाल, राम लाल का कहना है कि उन्होंने मनरेगा में काम किया था। बावजूद लंबे समय से मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है।
पूरे विकास खंड में मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों की 250 करोड़ की देनदारी अगस्त से है। भुगतान के लिए ऑनलाइन रिपोर्ट केंद्र, राज्य सरकार को जाती रहती है। जब पैसा आएगा, उसके बाद भुगतान खातों में किया जाएगा।
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-डीएन सकलानी, खंड विकास अधिकारी, भिलंगना।
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केंद्र सरकार ने ग्रामीणों को रोजगार मुहैया करवाने के लिए 2005 में मनरेगा योजना शुरू की थी। योजना के तहत प्रत्येक जॉब कार्ड धारक को एक साल में सौ दिन का रोजगार देने और भुगतान 15 में ऑनलाइन खातों में करने का प्राविधान था। भिलंगना ब्लाक के 183 गांव पंचायतों में मनरेगा के जॉब कार्डधारकों ने अपने-अपने गांव में आजीविका संवर्द्धन, सिंचाई गूल, नर्सरी, औषधि, भूमि सुधार, सुरक्षा दीवार, बाढ़ नियंत्रण, गोशाला आदि कार्यों में काम किया था। उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित समय में उनका भुगतान हो जाएगा, लेकिन अगस्त 2018 से अभी तक श्रमिकों का भुगतान नही हो पाया है। मनरेगा श्रमिक कौशल्या देवी, मासांती देवी, लीलावती, शाकंबरी, कौंशा देवी, भजन सिंह, महिताब सिंह, डब्बल सिंह, चैत सिंह, बैशाख सिंह, मित्रानंद, भगवती प्रसाद, जीतलाल, गोविंद लाल, राम लाल का कहना है कि उन्होंने मनरेगा में काम किया था। बावजूद लंबे समय से मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है।
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पूरे विकास खंड में मनरेगा योजना के तहत श्रमिकों की 250 करोड़ की देनदारी अगस्त से है। भुगतान के लिए ऑनलाइन रिपोर्ट केंद्र, राज्य सरकार को जाती रहती है। जब पैसा आएगा, उसके बाद भुगतान खातों में किया जाएगा।
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-डीएन सकलानी, खंड विकास अधिकारी, भिलंगना।