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एसआरटी परिसर के कर्मचारियों को पदोन्नति का इंतजार
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चंबा (टिहरी)। केंद्रीय विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल के कर्मचारी एक दशक से पदोन्नति की राह ताक रहे हैं, लेकिन अभी तक विवि की सेवा चयन नियमावली नहीं बनने के कारण कर्मचारियों की पदोन्नति पर ब्रेक लगा हुआ है। जिससे परिसर के कई कर्मचारी पदोन्नति लिए बगैर रिटायर हो चुके हैं। प्रमोशन नहीं मिलने से कार्मिकों को चुनाव ड्यूटी में भी द्वितीय और तृतीय मतदान कर्मचारी के रूप में काम करना पड़ रहा है।
स्वामी रामतीर्थ परिसर 15 जनवरी 2009 को केंद्रीय विवि बन गया था। राज्य विवि से केंद्रीय विवि बनने पर परिसर के कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी कि उनकी सुविधाओं में इजाफा होने के साथ ही समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन विवि की लेटलतीफी कर्मचारियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। विवि दस साल से कर्मचारी सेवा चयन नियमावली नहीं बना पाया है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति पर विराम लगा हुआ है। इससे कई कर्मचारी पदोन्नति लिए बगैर सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। परिसर कर्मियों को चुनावों में द्वितीय और तृतीय मतदान कर्मी के रूप में काम करना पड़ रहा है, जबकि राज्य सरकार के कर्मचारी पदोन्नति पाकर बतौर पीठासीन कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं। परिसर के शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरेंद्र भंडारी ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन के साथ ही वेतन का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
यूजीसी ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। विवि कमेटी ने उनका निराकरण कर दिया है। यूजीसी से हरी झंडी मिलते ही पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
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- डा. संजय ध्यानी, सहायक कुल सचिव गढ़वाल विवि।
स्वामी रामतीर्थ परिसर 15 जनवरी 2009 को केंद्रीय विवि बन गया था। राज्य विवि से केंद्रीय विवि बनने पर परिसर के कर्मचारियों में उम्मीद जगी थी कि उनकी सुविधाओं में इजाफा होने के साथ ही समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन विवि की लेटलतीफी कर्मचारियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। विवि दस साल से कर्मचारी सेवा चयन नियमावली नहीं बना पाया है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति पर विराम लगा हुआ है। इससे कई कर्मचारी पदोन्नति लिए बगैर सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। परिसर कर्मियों को चुनावों में द्वितीय और तृतीय मतदान कर्मी के रूप में काम करना पड़ रहा है, जबकि राज्य सरकार के कर्मचारी पदोन्नति पाकर बतौर पीठासीन कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं। परिसर के शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरेंद्र भंडारी ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन के साथ ही वेतन का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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यूजीसी ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। विवि कमेटी ने उनका निराकरण कर दिया है। यूजीसी से हरी झंडी मिलते ही पदोन्नति प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
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- डा. संजय ध्यानी, सहायक कुल सचिव गढ़वाल विवि।