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मदननेगी क्षेत्र के 1336 परिवारों का नहीं हुआ पुनर्वास

Fri, 22 Mar 2019 10:18 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2019 10:18 PM IST
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मदननेगी क्षेत्र के 1336 परिवारों का नहीं हुआ पुनर्वास
नई टिहरी। टिहरी बांध की झील के कारण मदननेगी क्षेत्र के चार गांव में हुए भूधंसाव से खतरे में पड़े 1336 परिवारों का पुनर्वास नौ साल बाद भी नहीं हो पाया है।
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वर्ष 2010-11 में टिहरी बांध की झील का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रतापनगर विधानसभा के मदननेगी क्षेत्र के खोला, जलवालगांव, सांदणा और कठूली गांव के सैकड़ों परिवार खतरे की जद आ गए थे। सैकड़ों घरों में दरारें पड़ने से रहने लायक नहीं बचे हैं। उस दौरान वर्तमान में मुख्यमंत्री और तत्कालीन कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत से लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत, तत्कालीन सांसद विजय बहुगुणा ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित परिवारों को पुनर्वास का भरोसा दिया था। तब सरकार ने भूगर्भीय सर्वे करवाया था। सर्वे में 1336 परिवारों को पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया था। राज्य सरकार ने पुनर्वास हेतु कई बार केंद्र सरकार से पांच करोड़ 22 लाख रुपये का आर्थिक पैकेज मांगा था, लेकिन केंद्र में पैरवी न होने के कारण नौ साल बाद भी पुनर्वास को धनराशि नहीं मिल पाई है। प्रभावित क्षेत्र के 32 परिवार ऐसे हैं, जो आज भी अपने घरों को छोड़कर किराए के भवनों में रहने को मजबूर हैं। मदननेगी बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेमदत्त जुयाल, पितांबर दत्त थपलियाल, कुशाल सिंह रावत का कहना है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकार ने प्रभावितों की उपेक्षा की है। केंद्र में उचित पैरवी न होने के कारण पुनर्वास नही हो पाया है।
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