{"_id":"5c4b2fc7bdec22737b7b76fd","slug":"15484314237-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लॉक मुख्यालय का नजदीकि गांव सड़क से वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लॉक मुख्यालय का नजदीकि गांव सड़क से वंचित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा (टिहरी)। मख्लवाणु गांव के पूर्व सैनिक कई दशकों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि मख्लवाणु गांव ब्लॉक मुख्यालय चंबा का नजदीकि गांव है, बावजूद इसके समस्या हल नहीं हो रही है।
मख्लवाणु गांव के रणबांकुरों के साहस और शौर्य गाथाएं किसी से छुपी नहीं है। 1965-71 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में गांव के कई सैनिकों ने अपने आदम्य साहस का परिचय दिया था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सैनिकों ने शहर में रहने के बजाए गांव की मिट्टी से जुड़ने के लिए गांव में ही अपने आशियाने बनाए और खेतीबाड़ी कर अपनी गुजर बसर करने लगे। इस बीच ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है, जिससे ग्रामीण चंबा मुख्य बाजार से तीन से चार किमी पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए कई दशकों पूर्व ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कागजी कार्रवाई की, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हो पाई है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी गांव तक सड़क बनाने की घोषणा की थी, लेकिन सड़क निर्माण की कार्रवाई सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाई है। प्रधान लीला देवी, प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष भगवान सिंह कुंवर ने बताया कि सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत लोनिवि के ईई गौरव थपलियाल ने कहा कि सड़क निर्माण की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
मख्लवाणु गांव के रणबांकुरों के साहस और शौर्य गाथाएं किसी से छुपी नहीं है। 1965-71 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में गांव के कई सैनिकों ने अपने आदम्य साहस का परिचय दिया था। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद सैनिकों ने शहर में रहने के बजाए गांव की मिट्टी से जुड़ने के लिए गांव में ही अपने आशियाने बनाए और खेतीबाड़ी कर अपनी गुजर बसर करने लगे। इस बीच ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है, जिससे ग्रामीण चंबा मुख्य बाजार से तीन से चार किमी पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए कई दशकों पूर्व ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कागजी कार्रवाई की, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हो पाई है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी गांव तक सड़क बनाने की घोषणा की थी, लेकिन सड़क निर्माण की कार्रवाई सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाई है। प्रधान लीला देवी, प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष भगवान सिंह कुंवर ने बताया कि सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत लोनिवि के ईई गौरव थपलियाल ने कहा कि सड़क निर्माण की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन