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स्वामी रामतीर्थ सम्मान से नवाजा
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:52 PM IST
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चंबा (टिहरी)। पंचगव्य चिकित्सा के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे रहे डा. सोमपाल को स्वामी रामतीर्थ सम्मान से नवाजा गया। डा. सोमपाल पिछले लंबे समय से पंचगव्य चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
सोमवार देर शाम को एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में स्वामी रामतीर्थ महाराज के 145वें जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम के समापन पर गीता एकेडमी के संस्थापक आचार्य शिवेंद्र नागर ने पंचगव्य चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डा. सोमपाल को स्वामी रामतीर्थ सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर डा. सोमपाल ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है। इन्हीं में कमी और अधिकता होने के कारण रोग होते हैं। इनके संतुलन के लिए गोमाता से मिलने वाले दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के पंचगव्य से रोगों का निराकरण किया जा सकता है। यही कारण है कि लोग धीरे-धीरे अंग्रेजी दवाओं को छोड़कर पंचगव्य चिकित्सा की ओर आने लगे है।
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सोमवार देर शाम को एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में स्वामी रामतीर्थ महाराज के 145वें जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम के समापन पर गीता एकेडमी के संस्थापक आचार्य शिवेंद्र नागर ने पंचगव्य चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डा. सोमपाल को स्वामी रामतीर्थ सम्मान से सम्मानित किया। इस मौके पर डा. सोमपाल ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है। इन्हीं में कमी और अधिकता होने के कारण रोग होते हैं। इनके संतुलन के लिए गोमाता से मिलने वाले दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के पंचगव्य से रोगों का निराकरण किया जा सकता है। यही कारण है कि लोग धीरे-धीरे अंग्रेजी दवाओं को छोड़कर पंचगव्य चिकित्सा की ओर आने लगे है।
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