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रूड़की को वापस लौटे आईआईटी के छात्र
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:20 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। बर्फबारी के चलते आधे रास्ते से लौटा आईआईटी रुड़की के छात्रों का दल बृहस्पतिवार को रुड़की के लिए रवाना हो गया। दल में 19 छात्र, तीन छात्राएं और चार गाइड शामिल थे। ट्रेकिंग दल के सदस्यों ने बताया कि गंगी से 18 किमी दूर सरसोली में बर्फबारी होने और दूध गंगा में पुल न होने के कारण वे आगे नहीं जा पाए और उन्हें लौटना पड़ा।
आईआईटी रुड़की के छात्रों का 22 सदस्यीय दल चार गाइडों के साथ 23 सितंबर को गंगी से केदारनाथ ट्रैक पर निकला था, लेकिन गंगी से 18 किमी दूर खरसोली पहुंचने पर दल के सदस्यों का अपने परिजनों से संपर्क कट गया था। आईआईटी रुड़की की सूचना के बाद प्रशासन ने दल के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को घनसाली से एसडीआरएफ की टीम दल की खोज में रवाना हुई थी, तभी सेटेलाइट फोन से एसडीआरएफ का दल के सदस्यों से संपर्क हो गया। दल के सभी सदस्य बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे रीह से रुड़की के लिए रवाना हो गए।
दल में शामिल क्षितिज राठिया, विकास कुमार ने बताया कि खरसोली में अधिक बारिश और बर्फबारी होने के कारण वे आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। खरसोली में दूध गंगा पर भी पुल नहीं बना है।
आईआईटी रुड़की के छात्रों का 22 सदस्यीय दल चार गाइडों के साथ 23 सितंबर को गंगी से केदारनाथ ट्रैक पर निकला था, लेकिन गंगी से 18 किमी दूर खरसोली पहुंचने पर दल के सदस्यों का अपने परिजनों से संपर्क कट गया था। आईआईटी रुड़की की सूचना के बाद प्रशासन ने दल के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार को घनसाली से एसडीआरएफ की टीम दल की खोज में रवाना हुई थी, तभी सेटेलाइट फोन से एसडीआरएफ का दल के सदस्यों से संपर्क हो गया। दल के सभी सदस्य बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे रीह से रुड़की के लिए रवाना हो गए।
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दल में शामिल क्षितिज राठिया, विकास कुमार ने बताया कि खरसोली में अधिक बारिश और बर्फबारी होने के कारण वे आगे जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। खरसोली में दूध गंगा पर भी पुल नहीं बना है।
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