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बांध प्रभावितों ने कृषि मंत्री को बताई समस्याएं
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:20 PM IST
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नई टिहरी/कंडीसौड। आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर टिहरी झील का जलस्तर बढ़ाए जाने पर विरोध किया है। मंत्री ने आयुक्त गढ़वाल को प्रभावितों के प्रकरण को समन्वय समिति की बैठक में रखने के निर्देश दिए।
शनिवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा के नेतृत्व में प्रभावितों ने नरेंद्रनगर में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि वर्ष 2010 में अचानक जलस्तर आरएल 830 तक बढ़ने के कारण दर्जनों गांव भूस्खलन की चपेट में हैं। भूस्खलन से प्रभावित 415 परिवार पुनर्वास को चिह्नित हैं, लेकिन वर्षों बाद भी सरकार और टीएचडीसी प्रभावितों के पुनर्वास को भूमि उपलब्ध नही करवाई। मंत्री ने आयुक्त गढ़वाल मंडल को प्रभावितों के प्रकरण को आगामी होने वाली टिहरी बांध पुनर्वास समन्वय समिति की बैठक में रखने के निर्देश दिए। जाखणीधार प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमाईं, भटकंडा के प्रधान प्रदीप भट्ट, पयालगांव प्रधान उम्मेद सिंह सजवाण, जगदंबा सेमवाल, शूरवीर सिंह, अजय सिंह, भरत सिंह, सोमवारी लाल आदि मौजूद थे।
दूसरी, ओर सुशील बहुगुणा ने भी जलस्तर आरएल 830 मीटर तक भरने की अनुमति देने का कड़ा विरोध किया। इधर, टिहरी झील से प्रभावित थौलधार ब्लॉक के रमोलगांव और सरोट गांव के लोगों ने जल्द ही पुनर्वास करने की मांग की है। बद्री चंद रमोला, प्रेम चंद रमोला व बलवीर चंद रमोला का कहना है कि झील का जलस्तर बढ़ने से गांव के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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शनिवार को संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा के नेतृत्व में प्रभावितों ने नरेंद्रनगर में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि वर्ष 2010 में अचानक जलस्तर आरएल 830 तक बढ़ने के कारण दर्जनों गांव भूस्खलन की चपेट में हैं। भूस्खलन से प्रभावित 415 परिवार पुनर्वास को चिह्नित हैं, लेकिन वर्षों बाद भी सरकार और टीएचडीसी प्रभावितों के पुनर्वास को भूमि उपलब्ध नही करवाई। मंत्री ने आयुक्त गढ़वाल मंडल को प्रभावितों के प्रकरण को आगामी होने वाली टिहरी बांध पुनर्वास समन्वय समिति की बैठक में रखने के निर्देश दिए। जाखणीधार प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमाईं, भटकंडा के प्रधान प्रदीप भट्ट, पयालगांव प्रधान उम्मेद सिंह सजवाण, जगदंबा सेमवाल, शूरवीर सिंह, अजय सिंह, भरत सिंह, सोमवारी लाल आदि मौजूद थे।
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दूसरी, ओर सुशील बहुगुणा ने भी जलस्तर आरएल 830 मीटर तक भरने की अनुमति देने का कड़ा विरोध किया। इधर, टिहरी झील से प्रभावित थौलधार ब्लॉक के रमोलगांव और सरोट गांव के लोगों ने जल्द ही पुनर्वास करने की मांग की है। बद्री चंद रमोला, प्रेम चंद रमोला व बलवीर चंद रमोला का कहना है कि झील का जलस्तर बढ़ने से गांव के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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