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राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों ने एसडीएम पर लगाया शोषण का आरोप
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:40 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर की एसडीएम के खिलाफ राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एसडीएम पर शोषण का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में धरना दिया। कहा कि एसडीएम ने 13 जुलाई की बैठक में उनके साथ अनर्गल शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की है।
पर्वतीय पटवारी संघ शाखा प्रतापनगर के बैनरतले एसडीएम प्रतापनगर के खिलाफ प्रतापनगर और मदननेगी उप तहसील के राजस्व उप निरीक्षकों और निरीक्षकों ने बुधवार को धरना दिया। उप निरीक्षकों का कहना है कि एसडीएम रात्रि को सोशल मीडिया पर पटवारियों से रिपोर्ट तैयार करने का फरमान जारी करती हैं। 13 जुलाई को हुई मासिक बैठक में राजस्व कर्मियों ने एसडीएम पर अभद्र शब्दों का प्रयोग करने, ई. डिस्ट्रिक्ट के तहत प्रमाण पत्रों को बनाने में अनावश्यक आपत्तियां लगाई। तहसीलदार से सात दिन के आकस्मिक अवकाश का अधिकार वापस लिया गया है। धरना देने वालों में शाखाध्यक्ष धनपाल सिंह, सचिव पारेश्वर फोंदणी, दिनेश नवाल, सुरेंद्र नेगी, यशपाल नेगी, चंद्रमोहन पांडेय, रविशंकर, सुरेंद्र दत्त, ओमप्रकाश नौटियाल, विजयपाल सिंह, अब्बल सिंह, मोहन लाल शाह, भुवनेश रतूड़ी, मदनलाल उनियाल, दिनेश बिजल्वाण, त्रिलोक पंवार, दिनेश बिजल्वाण, कुलदीप सिंह आदि शामिल थे। वहीं इस बाबत एसडीएम मुक्ता मिश्रा का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी के साथ अभद्रता नहीं की है।
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पर्वतीय पटवारी संघ शाखा प्रतापनगर के बैनरतले एसडीएम प्रतापनगर के खिलाफ प्रतापनगर और मदननेगी उप तहसील के राजस्व उप निरीक्षकों और निरीक्षकों ने बुधवार को धरना दिया। उप निरीक्षकों का कहना है कि एसडीएम रात्रि को सोशल मीडिया पर पटवारियों से रिपोर्ट तैयार करने का फरमान जारी करती हैं। 13 जुलाई को हुई मासिक बैठक में राजस्व कर्मियों ने एसडीएम पर अभद्र शब्दों का प्रयोग करने, ई. डिस्ट्रिक्ट के तहत प्रमाण पत्रों को बनाने में अनावश्यक आपत्तियां लगाई। तहसीलदार से सात दिन के आकस्मिक अवकाश का अधिकार वापस लिया गया है। धरना देने वालों में शाखाध्यक्ष धनपाल सिंह, सचिव पारेश्वर फोंदणी, दिनेश नवाल, सुरेंद्र नेगी, यशपाल नेगी, चंद्रमोहन पांडेय, रविशंकर, सुरेंद्र दत्त, ओमप्रकाश नौटियाल, विजयपाल सिंह, अब्बल सिंह, मोहन लाल शाह, भुवनेश रतूड़ी, मदनलाल उनियाल, दिनेश बिजल्वाण, त्रिलोक पंवार, दिनेश बिजल्वाण, कुलदीप सिंह आदि शामिल थे। वहीं इस बाबत एसडीएम मुक्ता मिश्रा का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी के साथ अभद्रता नहीं की है।
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