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आर्थिक संकट से जूझ रहे 300 डॉक्टर और कर्मचारी
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:20 PM IST
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नई टिहरी। टिहरी जिले के अस्पतालों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और कर्मचारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। डॉक्टर और कर्मचारी तीन माह से वेतन की राह ताक रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग बजट का रोना रो रहा है।
एनएचएम के तहत जिले के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 300 डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। अप्रैल से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों और कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है। इन दिनों स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आर्थिक संकट से जूझ रहे डॉक्टर और कर्मचारी अपने बच्चों का प्रवेश शुल्क जमा नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल ड्रेस और पाठ्य पुस्तकें समय पर नहीं खरीद पा रहे हैं। इस बाबत सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि दो बार शासन को बजट की डिमांड भेज दी गई है। बजट की कमी के चलते डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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एनएचएम के तहत जिले के विभिन्न अस्पतालों में लगभग 300 डॉक्टर, फार्मेसिस्ट और कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। अप्रैल से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में डॉक्टरों और कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है। इन दिनों स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। आर्थिक संकट से जूझ रहे डॉक्टर और कर्मचारी अपने बच्चों का प्रवेश शुल्क जमा नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल ड्रेस और पाठ्य पुस्तकें समय पर नहीं खरीद पा रहे हैं। इस बाबत सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि दो बार शासन को बजट की डिमांड भेज दी गई है। बजट की कमी के चलते डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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