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30 दिन में समस्याएं न होने पर विधायक के आवास के बाहर देंगे धरना
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:40 PM IST
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नई टिहरी। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच ने गंगी गांव के दलित परिवारों का पूर्व में हुए समझौते के अनुसार पुनर्वास करने की मांग की है। उन्होंने 30 दिन में पीड़ितों का पुनर्वास नहीं होने पर विधायक के आवास पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम घनसाली से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दिसंबर में गंगी गांव के दलितों के साथ गांव के सामान्य जाति के लोगों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी, जिनके डर से पीड़ितों ने गांव छोड़कर पहले घनसाली और उसके बाद देहरादून में अनशन किया था। 21 दिसंबर को घनसाली के विधायक शक्ति लाल शाह ने अनशन समाप्त करवाकर पीड़ितों को अपने साथ गांव ले गए थे, लेकिन गांव के लोग अब फिर उन्हें डरा धमकाकर गांव छोड़ने को मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल समझौते के अनुसार पीड़ित परिवारों का पुनर्वास करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राकेश लाल, जगमराम, राजेश्वरी देवी समेत कई लोग शामिल थे।
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बुधवार को मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम घनसाली से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दिसंबर में गंगी गांव के दलितों के साथ गांव के सामान्य जाति के लोगों ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी, जिनके डर से पीड़ितों ने गांव छोड़कर पहले घनसाली और उसके बाद देहरादून में अनशन किया था। 21 दिसंबर को घनसाली के विधायक शक्ति लाल शाह ने अनशन समाप्त करवाकर पीड़ितों को अपने साथ गांव ले गए थे, लेकिन गांव के लोग अब फिर उन्हें डरा धमकाकर गांव छोड़ने को मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल समझौते के अनुसार पीड़ित परिवारों का पुनर्वास करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राकेश लाल, जगमराम, राजेश्वरी देवी समेत कई लोग शामिल थे।
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