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नहर पांच सालों से क्षतिग्रस्त, खेतों में कैसे होगी सिंचाई
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:44 PM IST
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लंबगांव (टिहरी)। पांच साल पूर्व आपदा से क्षतिग्रस्त पुजारगांव भदूरा की सिंचाई नहर की मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसे में काश्तकारों की 10 हेक्टेयर भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है। काश्तकारों का कहना है कि वे लगातार क्षतिग्रस्त नहर मरम्मत की मांग को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बजट का अभाव बताकर नहर मरम्मत करने से इनकार कर रहे हैं।
पुजारगांव भदूरा की सिंचाई नहर वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई मंत्री को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सरकार गांवों से पलायन रोकने के लिए कृषि को बढ़ावा देने का डंका पीट रही है, लेकिन आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर मरम्मत के लिए बजट जारी नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान सरोजनी देवी, सुंदर लाल आर्य, अटल चंद्र आर्य, राम कुमार सेमवाल, अजय चंद्र आर्य, सत्य प्रसाद सेमवाल, नागेंद्र सेमवाल, बच्चन लाल व लक्ष्मीदास आर्य आदि के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के ईई शरद श्रीवास्तव का कहना है कि पुजारगांव भदूरा की क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर मरम्मत का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित चल रहा है। बजट मिलने पर ही नहर मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।
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पुजारगांव भदूरा की सिंचाई नहर वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई मंत्री को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि सरकार गांवों से पलायन रोकने के लिए कृषि को बढ़ावा देने का डंका पीट रही है, लेकिन आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर मरम्मत के लिए बजट जारी नहीं किया जा रहा है। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान सरोजनी देवी, सुंदर लाल आर्य, अटल चंद्र आर्य, राम कुमार सेमवाल, अजय चंद्र आर्य, सत्य प्रसाद सेमवाल, नागेंद्र सेमवाल, बच्चन लाल व लक्ष्मीदास आर्य आदि के हस्ताक्षर हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के ईई शरद श्रीवास्तव का कहना है कि पुजारगांव भदूरा की क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर मरम्मत का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित चल रहा है। बजट मिलने पर ही नहर मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।
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