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12 सालों से बन रहे चांठी-डोबरा पुल निर्माण की राह हुई आसान
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:24 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर को जोड़ने के लिए 12 साल से बनाए जा रहे चांठी-डोबरा पुल निर्माण की राह आसान हो गई है। लोनिवि के चुनौती बने रस्से खींचने का काम पूरा हो गया है। मुख्य पुल को जोड़ने के लिए डाले जा रहे 20-20 टन के 702-702 लंबे 24 रस्से आरपार हो गए हैं। वर्तमान में क्लैंप और सस्पेंडर डालने शुरू हो गए हैं। दिसंबर 2018 से पुल से आवागमन की उम्मीद जताई जा रही है।
वर्ष 2006 से भागीरथी नदी पर बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर और थौलधार को जोड़ने के लिए 760 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। लोनिवि के लिए झील के ऊपर आरएल 850 मीटर की ऊंचाई पर मुख्य पुल को जोड़ने को डाले जा रहे 20-20 टन के 24 रस्सों (रोप) को आरपार करवाना बड़ी चुनौती थी। रस्सों को खींचने का काम पांच माह में पूरा हो पाया है। जून से 440 मीटर लंबे झूला पुल को जोड़ने का काम किया जाएगा। अभी तक 760 मीटर लंबे पुल पर डोबरा की साइड 260 मीटर की आरसीसी, चांठी की तरफ 25 मीटर एप्रोच पुल, 58-58 मीटर के चार टॉवरों का निर्माण, स्टैथनिंग, सात सौ मीटर कैटवॉक आदि काम पहले ही पूरा हो चुका था। सहायक अभियंता एसएस मखलोगा का कहना है कि डोबरा-चांठी पुल के 24 रस्सों को आरपार करवाने का काम पूरा हो गया है। अब क्लैंप का काम शुरू हो गया है।
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वर्ष 2006 से भागीरथी नदी पर बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर और थौलधार को जोड़ने के लिए 760 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। लोनिवि के लिए झील के ऊपर आरएल 850 मीटर की ऊंचाई पर मुख्य पुल को जोड़ने को डाले जा रहे 20-20 टन के 24 रस्सों (रोप) को आरपार करवाना बड़ी चुनौती थी। रस्सों को खींचने का काम पांच माह में पूरा हो पाया है। जून से 440 मीटर लंबे झूला पुल को जोड़ने का काम किया जाएगा। अभी तक 760 मीटर लंबे पुल पर डोबरा की साइड 260 मीटर की आरसीसी, चांठी की तरफ 25 मीटर एप्रोच पुल, 58-58 मीटर के चार टॉवरों का निर्माण, स्टैथनिंग, सात सौ मीटर कैटवॉक आदि काम पहले ही पूरा हो चुका था। सहायक अभियंता एसएस मखलोगा का कहना है कि डोबरा-चांठी पुल के 24 रस्सों को आरपार करवाने का काम पूरा हो गया है। अब क्लैंप का काम शुरू हो गया है।
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