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मानचित्र की स्वीकृति बगैर नहीं बना सकेंगे आशियाना
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:48 PM IST
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नई टिहरी। उत्तराखंड विकास प्राधिकरण की ओर से तहसील में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी ने एसडीएम, तहसीलदार, मानचित्रकार और अवर अभियंताओं को प्राधिकरण के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियोजित विकास के लिए सरकार ने जिला विकास प्राधिकरण का गठन किया है। प्राधिकरण के नियमों के तहत मानचित्र स्वीकृत किए बगैर भवनों का निर्माण नहीं किया सकेगा।
कार्यशाला में बताया गया कि प्राधिकरण के नियमों के तहत नगर निकाय क्षेत्र से बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग के बीच से 200 मीटर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भू-भाग में एकल आवासीय भवन व संयुक्त परिवार 200 वर्ग मीटर और व्यावसायिक दुकानें (30 वर्ग मीटर तक जो स्वयं संचालित हो) के मानचित्र स्वीकृत किए जाने पर स्वत: छूट होगी। प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय देवप्रयाग, प्रतापनगर, नई टिहरी और नरेंद्रनगर बनाए गए हैं। जिला विकास प्राधिकरण के संचालन के लिए आयुक्त गढ़वाल को अध्यक्ष, डीएम उपाध्यक्ष और एडीएम को सचिव नामित किया गया है। कार्यशाला में एसडीएम चतर सिंह चौहान, लक्ष्मीराज चौहान, फींचाराम चौहान आदि मौजूद थे।
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कार्यशाला में बताया गया कि प्राधिकरण के नियमों के तहत नगर निकाय क्षेत्र से बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग के बीच से 200 मीटर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भू-भाग में एकल आवासीय भवन व संयुक्त परिवार 200 वर्ग मीटर और व्यावसायिक दुकानें (30 वर्ग मीटर तक जो स्वयं संचालित हो) के मानचित्र स्वीकृत किए जाने पर स्वत: छूट होगी। प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय देवप्रयाग, प्रतापनगर, नई टिहरी और नरेंद्रनगर बनाए गए हैं। जिला विकास प्राधिकरण के संचालन के लिए आयुक्त गढ़वाल को अध्यक्ष, डीएम उपाध्यक्ष और एडीएम को सचिव नामित किया गया है। कार्यशाला में एसडीएम चतर सिंह चौहान, लक्ष्मीराज चौहान, फींचाराम चौहान आदि मौजूद थे।
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