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शुल्क भुगतान न करने पर नए सत्र से आरटीई का करेंगे बहिष्कार
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:52 PM IST
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चंबा (टिहरी)। उत्तराखंड वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संगठन का शुक्रवार को जनपदीय सम्मेलन हुआ। प्रदेश सरकार पर वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की उपेक्षा का आरोप लगाया गया। शिक्षा के अधिकार कानून के तहत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शुल्क का 31 मार्च तक भुगतान न होने पर नए शिक्षा सत्र से आरटीई के तहत विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को प्रवेश न देने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस अवसर पर संगठन की नई जिला कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।
शुक्रवार को आयोजित जनपदीय सम्मेलन में वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शुल्क का प्रदेश सरकार ने 27 माह से भुगतान जमा नहीं किया, जिसमें विद्यालयों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र रमोला ने कहा कि 31 मार्च तक आरटीई शुल्क का भुगतान नहीं होने पर नए सत्र से आरटीई का बहिष्कार किया जाएगा। कहा कि यदि 15 अप्रैल तक एनसीईआरटी किताबें बाजार में नहीं आती हैं, तो प्राइवेट स्कूल निजी प्रकाशनों की पुस्तकें पढ़ाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें पीतांबर दत्त सेमवाल को जिलाध्यक्ष, रविंद्र सिंह मखलोगा उपाध्यक्ष, विक्रम सिंह गुसाईं सचिव और प्रवीन जगूड़ी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई।
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शुक्रवार को आयोजित जनपदीय सम्मेलन में वित्त विहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शुल्क का प्रदेश सरकार ने 27 माह से भुगतान जमा नहीं किया, जिसमें विद्यालयों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र रमोला ने कहा कि 31 मार्च तक आरटीई शुल्क का भुगतान नहीं होने पर नए सत्र से आरटीई का बहिष्कार किया जाएगा। कहा कि यदि 15 अप्रैल तक एनसीईआरटी किताबें बाजार में नहीं आती हैं, तो प्राइवेट स्कूल निजी प्रकाशनों की पुस्तकें पढ़ाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें पीतांबर दत्त सेमवाल को जिलाध्यक्ष, रविंद्र सिंह मखलोगा उपाध्यक्ष, विक्रम सिंह गुसाईं सचिव और प्रवीन जगूड़ी को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई।
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