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ईसी का हुआ गठन, विवि का बढ़ा रूतबा
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:12 PM IST
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नई टिहरी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर श्रीदेव सुमन विवि के हिस्से में एक बड़ी उपलब्धि आई है। विवि का सर्वोच्च सदन कार्य परिषद (ईसी) विधिवत अस्तित्व में आ गया है। प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को कार्य परिषद गठन को हरी झंडी दे दी है। शिक्षा जगत से जुड़े 14 सदस्यों को कार्य परिषद का सदस्य नामित किया गया है। ईसी गठन होने से अब विवि के कार्यों में कोई भी बाधा आड़े नहीं आएगी। विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की राह आसान हो गई है।
छह साल लंबे इंतजार के बाद विवि की पहली कार्य परिषद अस्तित्व में आई है। बादशाहीथौल में श्रीदेव सुमन विवि की स्थापना 2012 में हो गई थी, लेकिन कार्य परिषद का गठन न होने से विवि को हर कार्य के लिए शासन पर निर्भर रहना पड़ता था। कार्य परिषद विवि का सर्वोच्च सदन होता है। शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती करने, प्रोन्नति करने, नए पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रवेश शुल्क तय करने का अधिकार कार्य परिषद को होता है, लेकिन अब तक राजकीय महाविद्यालय विवि से संबद्ध न होने और विवि का कैंपस कॉलेज न होने से ईसी गठन की राह में कानूनी दाव पेंच आड़े आ रहे थे।
बीते सितंबर में प्रदेश सरकार ने गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध गढ़वाल मंडल के 52 राजकीय महाविद्यालयों को डिएफिलेट कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने और गोपेश्वर राजकीय महाविद्यालय को विवि का कैंपस कॉलेज घोषित करने का शासनादेश जारी कर दिया था। तब जाकर कार्य परिषद गठन की राह आसान हो पाई है।
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कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार को संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल ने कार्य परिषद गठन अनुमोदन करने का शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, कुलाधिपति की ओर से उत्तर प्रदेश राज्यपाल के पूर्व सचिव जगमोहन भनोट, डायरेक्टर जनरल लाइफ सांइसेज डा. शशिबाला सिंह, दून विवि के पूर्व कुलपति प्रो. वीके जैन और उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार को ईसी सदस्य मनोनीत किया गया है। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, प्रो. केएल मालगुडी प्राचार्य गोपेश्वर महाविद्यालय, प्रो. जीएस रजवार प्राचार्य नरेंद्रनगर महाविद्यालय, डा. एके तिवारी प्राचार्य बड़कोट महाविद्यालय, डा. वीसी शाह शिक्षा संकाय गोपेश्वर महाविद्यालय, प्रो. विनीत घिल्डियाल प्राचार्य कर्णप्रयाग महाविद्यालय, प्रो. पीएस मखलोगा प्राचार्य उत्तरकाशी महाविद्यालय, प्रो. ओपी कुलश्रेष्ठ प्राचार्य डीबीएस महाविद्यालय देहरादून, प्रो. एमएस रौतेला प्राचार्य कोटद्वार महाविद्यालय और डा. डीसी नैनवाल प्राचार्य क्वीली पोखरी ईसी सदस्य मनोनीत किए गए हैं।
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छह साल लंबे इंतजार के बाद विवि की पहली कार्य परिषद अस्तित्व में आई है। बादशाहीथौल में श्रीदेव सुमन विवि की स्थापना 2012 में हो गई थी, लेकिन कार्य परिषद का गठन न होने से विवि को हर कार्य के लिए शासन पर निर्भर रहना पड़ता था। कार्य परिषद विवि का सर्वोच्च सदन होता है। शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती करने, प्रोन्नति करने, नए पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रवेश शुल्क तय करने का अधिकार कार्य परिषद को होता है, लेकिन अब तक राजकीय महाविद्यालय विवि से संबद्ध न होने और विवि का कैंपस कॉलेज न होने से ईसी गठन की राह में कानूनी दाव पेंच आड़े आ रहे थे।
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बीते सितंबर में प्रदेश सरकार ने गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध गढ़वाल मंडल के 52 राजकीय महाविद्यालयों को डिएफिलेट कर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करने और गोपेश्वर राजकीय महाविद्यालय को विवि का कैंपस कॉलेज घोषित करने का शासनादेश जारी कर दिया था। तब जाकर कार्य परिषद गठन की राह आसान हो पाई है।
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कुलपति डा. यूएस रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार को संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल ने कार्य परिषद गठन अनुमोदन करने का शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, कुलाधिपति की ओर से उत्तर प्रदेश राज्यपाल के पूर्व सचिव जगमोहन भनोट, डायरेक्टर जनरल लाइफ सांइसेज डा. शशिबाला सिंह, दून विवि के पूर्व कुलपति प्रो. वीके जैन और उच्च न्यायालय नैनीताल के न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार को ईसी सदस्य मनोनीत किया गया है। इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, प्रो. केएल मालगुडी प्राचार्य गोपेश्वर महाविद्यालय, प्रो. जीएस रजवार प्राचार्य नरेंद्रनगर महाविद्यालय, डा. एके तिवारी प्राचार्य बड़कोट महाविद्यालय, डा. वीसी शाह शिक्षा संकाय गोपेश्वर महाविद्यालय, प्रो. विनीत घिल्डियाल प्राचार्य कर्णप्रयाग महाविद्यालय, प्रो. पीएस मखलोगा प्राचार्य उत्तरकाशी महाविद्यालय, प्रो. ओपी कुलश्रेष्ठ प्राचार्य डीबीएस महाविद्यालय देहरादून, प्रो. एमएस रौतेला प्राचार्य कोटद्वार महाविद्यालय और डा. डीसी नैनवाल प्राचार्य क्वीली पोखरी ईसी सदस्य मनोनीत किए गए हैं।