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टिहरी झील में सी प्लेन उतारने की व्यवस्थाओं का भारतीय विमानपतन प्राधिकरण के विशेषज्ञों ने लिया जायजा
Updated Tue, 27 Feb 2018 11:04 PM IST
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नई टिहरी। 42 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली टिहरी बांध की झील में केंद्र सरकार की सी-प्लेन उतारने की योजना को जल्द पंख लगने की उम्मीद जगी है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ माह में टिहरी बांध की झील में सी-प्लेन उतर सकता है। झील में सी-प्लेन उतारने की संभावनाओं का जायजा लेने के लिए मंगलवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और नागरिक उड्डयन विभाग उत्तराखंड की टीम ने कोटी कालोनी के आसपास झील का संयुक्त निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने टिहरी झील में 12 प्वाइंट को चिह्नित कर यहां पर अवस्थापना विकास करने का सुझाव दिया है। सी-प्लेन पर्यटन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वर्तमान में देश के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरला, उड़ीसा जैसे चुंनिदा राज्यों में सी-प्लेन की सुविधा उपलब्ध है।
केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत फेज-3 में देश के 20 स्थानों पर हेली सेवा और सी-प्लेन सेवा शुरू की जानी है, जिसमें टिहरी भी शामिल है। टिहरी बांध की झील में सी-प्लेन उतारने की संभावनाओं को परखने के लिए मंगलवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और नागरिक उड्डयन विभाग उत्तराखंड की टीम ने संयुक्त रूप से झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने कोटी कालोनी से पुराने गणेश प्रयाग, टिहरी डैम क्षेत्र सहित झील के विभिन्न हिस्सों का सघन निरीक्षण किया। कोटीकालोनी से डैम टॉप तक उन्होंने बोट से झील का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने मीडिया से दूरी बनाई रखी। कोई भी बातचीत करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। टीम के सदस्यों ने अनौपचारिक बातचीत करते हुए बताया कि टिहरी झील में सी-प्लेन उतर सकता है। इसकी विस्तृत डीपीआर बनाने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीम ने झील के 12 स्थानों को इसके चिह्नित किया है। इन स्थानों पर अवस्थापन विकास के तहत एप्रोच मार्ग, पार्क, प्लेटफार्म बनाने को कहा है। इसके अलावा राजस्व विभाग, टीएचडीसी, मौसम विभाग, पुलिस, आईबी की भी रिपोर्ट संलग्न करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। टीम का कहना है कि डीएम और टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के अधिकारी झील के चिह्नित स्थानों का नक्शा उपलब्ध कराएंगे। टीम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) नार्थ रीजन के जीएम जेएस संधू, कंसलटेंट डीजीएस कैप्टन इसरारद अहमद, सदस्य राहुल राठौर, एजीएम सुरक्षा नवीन चंद्र पंत, डीजीएम केसी मृदा, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जी सत्तैया, एसडीएम सदर चतर सिंह चौहान और डीएम की ओर से टीम के लाइजिनिंग आफिसर नियुक्त किए ईई लोनिवि केएस नेगी मौजूद थे। बुधवार को टीम चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत फेज-3 में देश के 20 स्थानों पर हेली सेवा और सी-प्लेन सेवा शुरू की जानी है, जिसमें टिहरी भी शामिल है। टिहरी बांध की झील में सी-प्लेन उतारने की संभावनाओं को परखने के लिए मंगलवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और नागरिक उड्डयन विभाग उत्तराखंड की टीम ने संयुक्त रूप से झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने कोटी कालोनी से पुराने गणेश प्रयाग, टिहरी डैम क्षेत्र सहित झील के विभिन्न हिस्सों का सघन निरीक्षण किया। कोटीकालोनी से डैम टॉप तक उन्होंने बोट से झील का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों ने मीडिया से दूरी बनाई रखी। कोई भी बातचीत करने से स्पष्ट इनकार कर दिया। टीम के सदस्यों ने अनौपचारिक बातचीत करते हुए बताया कि टिहरी झील में सी-प्लेन उतर सकता है। इसकी विस्तृत डीपीआर बनाने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टीम ने झील के 12 स्थानों को इसके चिह्नित किया है। इन स्थानों पर अवस्थापन विकास के तहत एप्रोच मार्ग, पार्क, प्लेटफार्म बनाने को कहा है। इसके अलावा राजस्व विभाग, टीएचडीसी, मौसम विभाग, पुलिस, आईबी की भी रिपोर्ट संलग्न करने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। टीम का कहना है कि डीएम और टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण के अधिकारी झील के चिह्नित स्थानों का नक्शा उपलब्ध कराएंगे। टीम में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) नार्थ रीजन के जीएम जेएस संधू, कंसलटेंट डीजीएस कैप्टन इसरारद अहमद, सदस्य राहुल राठौर, एजीएम सुरक्षा नवीन चंद्र पंत, डीजीएम केसी मृदा, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जी सत्तैया, एसडीएम सदर चतर सिंह चौहान और डीएम की ओर से टीम के लाइजिनिंग आफिसर नियुक्त किए ईई लोनिवि केएस नेगी मौजूद थे। बुधवार को टीम चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेगी।
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