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शाहादत देने वालों के सपनों का नहीं बन पाया राज्य
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:00 PM IST
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नई टिहरी। राज्य आंदोलनकारी मंच की पहल पर आयोजित आंदोलनकारियों के जिला सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इस मौके पर आंदोलनकारियों के सुझाव का एक ड्राफ्ट भी तैयार किया गया, जिसको सरकार को भेजा जाएगा। कहा कि राज्य के लिए शहादत देने वालों के सपनों का राज्य 17 साल बाद भी नहीं मिल पाया है।
रविवार को सामुदायिक मिलन केंद्र में आंदोलनकारी और पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पूर्व विधायक विक्रम नेगी ने कहा कि पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए सुविधाएं देना जरूरी है। डा. राकेश भूषण गोदियाल ने कहा कि पहाड़ खाली हो रहे हैं और पलायन आयोग देहरादून में कार्य कर रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार महीपाल नेगी ने राज्य आंदोलन के दौरान के तथ्यों से अवगत कराया। जगदंबा रतूड़ी, महावीर नेगी, जोत सिंह बिष्ट, नरेंद्र राणा ने कहा कि सरकारी स्तर पर मनाए जाने पर कार्यों में भी आंदोलनकारियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। सम्मेलन में जिलेभर के 300 से आंदोलनकारियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में जिला कार्यकारिणी का गठन करते हुए देवेंद्र दुमोगा अध्यक्ष, देवेंद्र नौडियाल, उर्मिला महर उपाध्यक्ष, किशन रावत महासचिव, उत्तम तोमर, मुशर्रफ अली, गोपाल चौहान, डा. नरेंद्र डंगवाल सचिव, इसरार अहमद फारुखी कोषाध्यक्ष, श्रीपाल चौहान संगठन सचिव, शांति भट्ट ऑडिटर और जयप्रकाश पांडेय को प्रवक्ता बनाया गया।
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रविवार को सामुदायिक मिलन केंद्र में आंदोलनकारी और पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पूर्व विधायक विक्रम नेगी ने कहा कि पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए सुविधाएं देना जरूरी है। डा. राकेश भूषण गोदियाल ने कहा कि पहाड़ खाली हो रहे हैं और पलायन आयोग देहरादून में कार्य कर रहा है।
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वरिष्ठ पत्रकार महीपाल नेगी ने राज्य आंदोलन के दौरान के तथ्यों से अवगत कराया। जगदंबा रतूड़ी, महावीर नेगी, जोत सिंह बिष्ट, नरेंद्र राणा ने कहा कि सरकारी स्तर पर मनाए जाने पर कार्यों में भी आंदोलनकारियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। सम्मेलन में जिलेभर के 300 से आंदोलनकारियों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में जिला कार्यकारिणी का गठन करते हुए देवेंद्र दुमोगा अध्यक्ष, देवेंद्र नौडियाल, उर्मिला महर उपाध्यक्ष, किशन रावत महासचिव, उत्तम तोमर, मुशर्रफ अली, गोपाल चौहान, डा. नरेंद्र डंगवाल सचिव, इसरार अहमद फारुखी कोषाध्यक्ष, श्रीपाल चौहान संगठन सचिव, शांति भट्ट ऑडिटर और जयप्रकाश पांडेय को प्रवक्ता बनाया गया।
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