{"_id":"5a7dd61f4f1c1b4d588b7af0","slug":"151819645612-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खोलगढ़ में दो दिन बाद भी गुलदार पकड़ से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खोलगढ़ में दो दिन बाद भी गुलदार पकड़ से बाहर
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर ब्लॉक के ओण पट्टी में नरभक्षी गुलदार अभी पकड़ में नहीं आ पाया है। बुधवार को खोलगढ़ गांव में एक बच्चे को मारने के बाद गुलदार अभी तक दो बकरियों को भी मार चुका है। इससे दहशत में आए ग्रामीणों ने गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग की है।
ओण पट्टी के खोलगढ़ और हलेथ के लोग गुलदार से खासे भयभीत हैं। एक बच्चे को मारने के बाद लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गुलदार को पकड़ने के लिए मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम को अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। गांव के मोर सिंह पंवार और बिजेंद्र पंवार ने बताया कि गुलदार बुधवार से गांव के आसपास ही घूम रहा है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य उदय रावत, प्रमुख रेशमा बगियाल, ज्येष्ठ प्रमुख प्रदीप रमोला, प्रधान संगठन के अध्यक्ष रणवीर राणा ने कहा कि गुलदार काफी हमलावर हो गया है, जिससे उसे नरभक्षी घोषित कर उसे ढेर कर देना जरूरी है। रेंज अधिकारी लक्की शाह ने बताया कि गुलदार को पिंजरे में कैद करने के लिए तीन पिंजरे और ट्रेप कैमरे भी लगाए गए हैं। गुलदार के पिंजरे में कैद होने तक टीम के सदस्य वन दरोगा जसवंत सिंह पंवार, श्याम लाल, लक्ष्मण सिंह सजवाण, अजयपाल सिंह पंवार, रमेश थपलियाल मौके पर ही डटे हुए हैं।
विज्ञापन
ओण पट्टी के खोलगढ़ और हलेथ के लोग गुलदार से खासे भयभीत हैं। एक बच्चे को मारने के बाद लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गुलदार को पकड़ने के लिए मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम को अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। गांव के मोर सिंह पंवार और बिजेंद्र पंवार ने बताया कि गुलदार बुधवार से गांव के आसपास ही घूम रहा है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य उदय रावत, प्रमुख रेशमा बगियाल, ज्येष्ठ प्रमुख प्रदीप रमोला, प्रधान संगठन के अध्यक्ष रणवीर राणा ने कहा कि गुलदार काफी हमलावर हो गया है, जिससे उसे नरभक्षी घोषित कर उसे ढेर कर देना जरूरी है। रेंज अधिकारी लक्की शाह ने बताया कि गुलदार को पिंजरे में कैद करने के लिए तीन पिंजरे और ट्रेप कैमरे भी लगाए गए हैं। गुलदार के पिंजरे में कैद होने तक टीम के सदस्य वन दरोगा जसवंत सिंह पंवार, श्याम लाल, लक्ष्मण सिंह सजवाण, अजयपाल सिंह पंवार, रमेश थपलियाल मौके पर ही डटे हुए हैं।
विज्ञापन