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पेयजल किल्लत से जूझ रहे भेटी गांव के लोगों ने तहसील में दिया धरना
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:28 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे नगुन पट्टी के भेटी गांव के लोगों ने तहसील मुख्यालय में धरना दिया। भेटी गांव के लिए नई पेयजल योजना निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही जल्द समस्या का समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
भेटी गांव के लोग बृहस्पतिवार को नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे और समस्या के निराकरण को धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि भेटी गांव में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। गांव में वर्षों पूर्व एकल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती थी, जो कि लगभग आठ वर्ष पूर्व बिकोल गांव में ही बंद हो गई। तब से अब तक भेटी के निवासियों को पानी नसीब नहीं हो पाया है। गांव में दो हैंडपंप तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें भी एक हैंडपंप पर लाल रंग का दूषित पानी आता है। केवल एक हैंडपंप पर ही गांव के 60 परिवारों के पांच सौ जनसंख्या और मवेशी निर्भर है। कहा कि पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था जुटाना बड़ा मुश्किल हो रहा है। समस्या को देखते हुए गांव के लिए नई पेयजल योजना निर्माण करने की मांग की है। धरना देने वालों में करण सिंह राणा, महावीर उनियाल, गरीब दास, महावीर पडियार, सुमन सिंह, ध्यान सिंह, अतर सिंह, सीता देवी, पूजा देवी, सावित्री देवी, मुलमा देवी आदि बैठे रहे।
भेटी गांव के लोग बृहस्पतिवार को नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे और समस्या के निराकरण को धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि भेटी गांव में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। गांव में वर्षों पूर्व एकल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती थी, जो कि लगभग आठ वर्ष पूर्व बिकोल गांव में ही बंद हो गई। तब से अब तक भेटी के निवासियों को पानी नसीब नहीं हो पाया है। गांव में दो हैंडपंप तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें भी एक हैंडपंप पर लाल रंग का दूषित पानी आता है। केवल एक हैंडपंप पर ही गांव के 60 परिवारों के पांच सौ जनसंख्या और मवेशी निर्भर है। कहा कि पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था जुटाना बड़ा मुश्किल हो रहा है। समस्या को देखते हुए गांव के लिए नई पेयजल योजना निर्माण करने की मांग की है। धरना देने वालों में करण सिंह राणा, महावीर उनियाल, गरीब दास, महावीर पडियार, सुमन सिंह, ध्यान सिंह, अतर सिंह, सीता देवी, पूजा देवी, सावित्री देवी, मुलमा देवी आदि बैठे रहे।
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