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अब सरपट दौड़ेगे श्रीदेव सुमन विवि के कामकाज
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:41 PM IST
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चंबा (टिहरी)। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय अब ऑटोनोमस (स्वायत्तशासी) बॉडी बन गया है। कर्मचारियों की नियुक्ति और नए कालेजों को संबद्धता देने जैसे नीतिगत फैसलों के लिए विवि के अधिकारियों को अब देहरादून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद विवि की परिनियमावली को राज्यपाल ने हरी झंडी दे दी है। विवि ने गजट नोटिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
श्रीदेव सुमन विवि वर्ष 2012 में अस्तित्व में आया था, लेकिन परिनियमावली नहीं बनने से विश्वविद्यालय मदद के सहारे से चल रहा था। विवि के अधिकांश काम भी प्रभावित हो रहे थे। विवि के अधिकारियों को परीक्षा संबंधी कार्य, छोटे टेंडर जारी करने, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए शासन के चक्कर लगाने पड़ते थे। संबद्धता मामलों के लिए फाइलें देहरादून भेजनी पड़ती थी। विवि ने दो साल पूर्व परिनियमावली तैयार कर शासन को भेजी थी। शासन के विधि विभाग के परीक्षण के बाद कुलाधिपति ने परिनियमावली का अनुमोदन कर दिया है। अब कुलपति और कुलसचिव को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति, नए पाठ्यक्रम शुरू करने, नए कालेजों को संबद्धता के मामलों में बादशाहीथौल से देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विवि अब स्वायत्तशासी (ऑटोनोमस) बॉडी बन गया है। परिनियमावली अनुमोदन के बाद अब विवि को नीतिगत मामलों में भी स्वयं निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।
कोट
लंबी मेहनत के बाद तैयार की गई परिनियमावली को कुलाधिपति ने अनुमोदित कर दिया है। परिनियमावली तैयार होने से विवि के काम आसान हो जाएंगे। विवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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- डा. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल।
श्रीदेव सुमन विवि वर्ष 2012 में अस्तित्व में आया था, लेकिन परिनियमावली नहीं बनने से विश्वविद्यालय मदद के सहारे से चल रहा था। विवि के अधिकांश काम भी प्रभावित हो रहे थे। विवि के अधिकारियों को परीक्षा संबंधी कार्य, छोटे टेंडर जारी करने, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए शासन के चक्कर लगाने पड़ते थे। संबद्धता मामलों के लिए फाइलें देहरादून भेजनी पड़ती थी। विवि ने दो साल पूर्व परिनियमावली तैयार कर शासन को भेजी थी। शासन के विधि विभाग के परीक्षण के बाद कुलाधिपति ने परिनियमावली का अनुमोदन कर दिया है। अब कुलपति और कुलसचिव को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति, नए पाठ्यक्रम शुरू करने, नए कालेजों को संबद्धता के मामलों में बादशाहीथौल से देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विवि अब स्वायत्तशासी (ऑटोनोमस) बॉडी बन गया है। परिनियमावली अनुमोदन के बाद अब विवि को नीतिगत मामलों में भी स्वयं निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।
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लंबी मेहनत के बाद तैयार की गई परिनियमावली को कुलाधिपति ने अनुमोदित कर दिया है। परिनियमावली तैयार होने से विवि के काम आसान हो जाएंगे। विवि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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- डा. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल।