फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   मास्टर प्लान बना नहीं, एंडवास में कर दिया चार करोड़ का भुगतान

मास्टर प्लान बना नहीं, एंडवास में कर दिया चार करोड़ का भुगतान

Thu, 11 Jan 2018 10:53 PM IST
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
मास्टर प्लान बना नहीं, एंडवास में कर दिया चार करोड़ का भुगतान

विज्ञापन
नई टिहरी। टिहरी बांध की झील और इसके आसपास स्थित गांवों के सुनियोजित विकास की योजना धरी की धरी रह गई। मास्टर प्लान तैयार करने के नाम पर दिल्ली की एक निजी कंपनी पर्यटन विभाग से एडवांस में चार करोड़ की रकम लेकर भूल गई। दो साल बाद भी कंपनी ने झील का मास्टर प्लान पर्यटन विभाग को नहीं सौंपा। टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) की समीक्षा बैठक के दौरान यह मामला प्रकाश में आया है। टिहरी विधायक धन सिंह नेगी ने जिला पर्यटन अधिकारी को मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए है।
विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को विधायक नेगी ने टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2013-14 में दिल्ली की एक कंपनी को झील का मास्टर प्लॉन बनाने का कार्य सौंपा गया था। इसमें प्रथम चरण में झील से सटे आसपास के 98 गांव और बाद में 156 गांवों को चिह्नित किया गया। कंपनी को झील और उससे सटे गांवों के विकास कार्यों के लिए मास्टर प्लान तैयार करना था। गांवों में रहने वाले लोग कैसा विकास चाहते है, इसके लिए अलग-अलग गांवों में जन सुनवाई होनी थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। चार करोड़ का एडवांस भुगतान लेने के बावजूद कंपनी ने पर्यटन विभाग को मास्टर प्लान की डीपीआर तक उपलब्ध नहीं कराई। विधायक ने टाडा के अपर मुख्य कार्याधिकारी सीएस चौहान और पर्यटन अधिकारी एसएस राणा से कहा कि कोटी में पूरी भूमि पर्यटन विभाग के नाम पर है, बावजूद इसके झील के आसपास लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। 15 दिन के अंतर्गत अतिक्रमण चिह्नित कर इसे हटाने के लिए अभियान चलाएं।
विज्ञापन

कोटी कालोनी (खंाडखाला) में शवदाह घाट निर्माण के लिए टीएचडीसी की ओर से पूर्व में स्वीकृत धनराशि का उपयोग न होने पर विधायक ने पुनर्वास निदेशक की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। कहा कि खांडखाला में झील के आरएल 830 और 840 के मध्य जल्द ही शवदाह घाट का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। शव दाह संस्कार के लिए वन निगम से लकड़ी की व्यवस्था की जाएगी। बोट स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, निर्माणाधीन फ्लोटिंग हट्स को फरवरी तक टाडा को हस्तगत करने, फ्लोटिंग मरीना और बार्ज का संचालन करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। बैठक में ब्लॉक प्रमुख बेबी असवाल, जिला पंचायत सदस्य रागिनी भट्ट, सभासद कुसुम चौहान, भुवनेश्वरी उनियाल, विक्रम कठैत, विजय कठैत, आरएस राणा, नवीन नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed