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गरमियों में पेयजल समस्या से निपटने की तैयारी करें:सोनिका
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:53 PM IST
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नई टिहरी। आने वाले गरमी के मौसम में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान और जल निगम को समस्याग्रस्त क्षेत्रों को चिह्नित कर वैकल्पिक व्यवस्था की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित क्षेत्रों में हैंडपंप की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। डीएम ने कहा कि जिन पंपिंग पेयजल योजनाओं पर बिजली नहीं है, वहां 15 दिनों के भीतर विद्युत संयोजन लगा दें।
बृहस्पतिवार को जिला कार्यालय में पेयजल और जल संस्थान के अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम सोनिका ने कहा कि जिन प्राकृतिक पेयजल स्रोतों का जलस्तर घट रहा है, वहां वन विभाग के सहयोग से जल संवर्धन के उपाय करें। बताया गया कि जल संस्थान की 630 योजनाओं में से 380 योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। डीएम ने कहा कि मंडी परिषद की ओर से लगाए जाने वाले 100 हैंडपंप जल संस्थान के माध्यम से लगवाए जाएंगे। पेयजल निगम को कोश्यारताल और सूरजकुंड पंपिंग योजना पर शीघ्र ही विद्युत संयोजन लगाने को कहा गया है। डीएम ने सुरीधार और सुरकंडा पंपिंग योजना में बरती जा रही लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रतापनगर और रजाखेत पंपिग योजना को जून तक चालू करने का भरोसा दिया गया है। लछमोली, सजवाण कांडा, कोटेश्वर सिल्काखाल, कोटेश्वर-झंडीधार, घंटाकर्ण, सारज्यूला पंपिंग योजना, क्वीली पालकोट पंपिग योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई। आनंद चौक बनाली और भाटूसैण सोलर पंपिंग योजना स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। बैठक में डीएफओ डा. कोको रोसो, जल संस्थान के ईई सतीश नौटियाल, आशीष भट्ट, अभिषेक कुमार, पेयजल निगम के राकेशचंद्र तिवारी, पल्लवी कुमारी, राकेश कुमार, ऊर्जा निगम के एसके विकास, आदि मौजूद थे।
बृहस्पतिवार को जिला कार्यालय में पेयजल और जल संस्थान के अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीएम सोनिका ने कहा कि जिन प्राकृतिक पेयजल स्रोतों का जलस्तर घट रहा है, वहां वन विभाग के सहयोग से जल संवर्धन के उपाय करें। बताया गया कि जल संस्थान की 630 योजनाओं में से 380 योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। डीएम ने कहा कि मंडी परिषद की ओर से लगाए जाने वाले 100 हैंडपंप जल संस्थान के माध्यम से लगवाए जाएंगे। पेयजल निगम को कोश्यारताल और सूरजकुंड पंपिंग योजना पर शीघ्र ही विद्युत संयोजन लगाने को कहा गया है। डीएम ने सुरीधार और सुरकंडा पंपिंग योजना में बरती जा रही लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रतापनगर और रजाखेत पंपिग योजना को जून तक चालू करने का भरोसा दिया गया है। लछमोली, सजवाण कांडा, कोटेश्वर सिल्काखाल, कोटेश्वर-झंडीधार, घंटाकर्ण, सारज्यूला पंपिंग योजना, क्वीली पालकोट पंपिग योजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई। आनंद चौक बनाली और भाटूसैण सोलर पंपिंग योजना स्वीकृति के लिए शासन को भेजी गई है। बैठक में डीएफओ डा. कोको रोसो, जल संस्थान के ईई सतीश नौटियाल, आशीष भट्ट, अभिषेक कुमार, पेयजल निगम के राकेशचंद्र तिवारी, पल्लवी कुमारी, राकेश कुमार, ऊर्जा निगम के एसके विकास, आदि मौजूद थे।
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