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पर्यटकों के साथ मनमानी न करें राफ्ट संचालक-compat
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:41 AM IST
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राफ्टिंग हादसे में डीएम टिहरी ने बैठाई जांच
-- तीन जनवरी को राफ्टिंग के दौरान दिल्ली की महिला की हुई थी मृत्यु
-- राफ्ट संचालकों पर कसा शिकंजा, मानकों का उल्लंघन किया तो लाइसेंस निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
नई टिहरी/ऋषिकेश।
तीन जनवरी को राफ्टिंग से गिरकर दिल्ली की महिला की मृत्यु के मामले में टिहरी की डीएम ने जांच बिठा दी है। डीएम ने दो दिन के अंदर-अंदर महिला की मृत्यु के संबंध में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई राफ्ट संचालक बनाए मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसका लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम सोनिका ने राफ्टिंग हादसे के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया।
डीएम ने राफ्ट संचालन के लिए निर्धारित स्थानों का चयन करने के साथ ही समय सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि राफ्ट संचालन के मानक का उल्लंघन करने पर पहली बार पांच हजार, दूसरी बार 10 हजार रुपये का अर्थदंड और तीसरी बार संबंधित का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हीं राफ्ट संचालकों को राफ्टिंग की अनुमति दी जाएगी जो निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करेंगे। इसके अलावा वन विभाग को राफ्ट स्थल तक पहुंचने के लिए मार्ग के सुधारीकरण का न्यूनतम व्यय में आंकलन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो सके।
धोखाधड़ी से बचाने को प्रीपेड व्यवस्था
पर्यटकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रीपेड व्यवस्था लागू करते हुए पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता पर समिति को नजर रखने को कहा गया है। राफ्टिंग क्षेत्र में 15 दिनों के भीतर निर्धारित स्थानों पर ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। पुलिस, राजस्व विभाग, वन विभाग, सिंचाई और पर्यटन विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध राफ्ट संचालकों का चिह्नीकरण कर कार्रवाई करने को कहा है।
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राफ्टिंग का किराया भी किया तय
डीएम ने बैठक में प्रति व्यक्ति किराया भी तय किया गया है, जिसके तहत ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश तक 600 रुपये, शिवपुरी से ऋषिकेश तक 1000, मेरिन ड्राइव से ऋषिकेश तक 1400 और कौड़ियाला से ऋषिकेश तक 1800 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। राफ्ट संचालन शीतकाल में सुबह नौ और शाम चार बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके बाद संचालन करने पर राफ्ट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, नरेंद्र नगर वन प्रभाग डीपी बलूनी, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड नरेंद्रनगर कलम सिंह, समिति के सदस्य विक्रम कोठियाल, धर्मेंद्र नेगी, दिनेश कठैत, योगेश बहुगुणा, सुरेंद्र थपलियाल आदि मौजूद थे।
डीएम का बयान
राफ्टिंग के दौरान हादसों में पर्यटक की मौत का कोई भी मामला हो, उसकी जांच होनी चाहिए। इससे यह पता लगता है कि आखिर किस वजह से हादसा हुआ है। लिहाजा मुनिकीरेती में बीते बुधवार को राफ्टिंग के दौरान हुई महिला की मौत के मामले की जांच कराई जा रही है।
सोनिका, डीएम टिहरी
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-- तीन जनवरी को राफ्टिंग के दौरान दिल्ली की महिला की हुई थी मृत्यु
-- राफ्ट संचालकों पर कसा शिकंजा, मानकों का उल्लंघन किया तो लाइसेंस निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
नई टिहरी/ऋषिकेश।
तीन जनवरी को राफ्टिंग से गिरकर दिल्ली की महिला की मृत्यु के मामले में टिहरी की डीएम ने जांच बिठा दी है। डीएम ने दो दिन के अंदर-अंदर महिला की मृत्यु के संबंध में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई राफ्ट संचालक बनाए मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसका लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम सोनिका ने राफ्टिंग हादसे के बाद कड़ा रुख अख्तियार किया।
डीएम ने राफ्ट संचालन के लिए निर्धारित स्थानों का चयन करने के साथ ही समय सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि राफ्ट संचालन के मानक का उल्लंघन करने पर पहली बार पांच हजार, दूसरी बार 10 हजार रुपये का अर्थदंड और तीसरी बार संबंधित का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हीं राफ्ट संचालकों को राफ्टिंग की अनुमति दी जाएगी जो निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करेंगे। इसके अलावा वन विभाग को राफ्ट स्थल तक पहुंचने के लिए मार्ग के सुधारीकरण का न्यूनतम व्यय में आंकलन तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो सके।
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धोखाधड़ी से बचाने को प्रीपेड व्यवस्था
पर्यटकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए प्रीपेड व्यवस्था लागू करते हुए पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता पर समिति को नजर रखने को कहा गया है। राफ्टिंग क्षेत्र में 15 दिनों के भीतर निर्धारित स्थानों पर ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। पुलिस, राजस्व विभाग, वन विभाग, सिंचाई और पर्यटन विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध राफ्ट संचालकों का चिह्नीकरण कर कार्रवाई करने को कहा है।
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राफ्टिंग का किराया भी किया तय
डीएम ने बैठक में प्रति व्यक्ति किराया भी तय किया गया है, जिसके तहत ब्रह्मपुरी से ऋषिकेश तक 600 रुपये, शिवपुरी से ऋषिकेश तक 1000, मेरिन ड्राइव से ऋषिकेश तक 1400 और कौड़ियाला से ऋषिकेश तक 1800 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। राफ्ट संचालन शीतकाल में सुबह नौ और शाम चार बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके बाद संचालन करने पर राफ्ट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, नरेंद्र नगर वन प्रभाग डीपी बलूनी, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड नरेंद्रनगर कलम सिंह, समिति के सदस्य विक्रम कोठियाल, धर्मेंद्र नेगी, दिनेश कठैत, योगेश बहुगुणा, सुरेंद्र थपलियाल आदि मौजूद थे।
डीएम का बयान
राफ्टिंग के दौरान हादसों में पर्यटक की मौत का कोई भी मामला हो, उसकी जांच होनी चाहिए। इससे यह पता लगता है कि आखिर किस वजह से हादसा हुआ है। लिहाजा मुनिकीरेती में बीते बुधवार को राफ्टिंग के दौरान हुई महिला की मौत के मामले की जांच कराई जा रही है।
सोनिका, डीएम टिहरी