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श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में होगा सेमेस्टर सिस्टम
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:37 PM IST
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चंबा (टिहरी)। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध होने वाले 52 राजकीय महाविद्यालयों में परीक्षा पैटर्न को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। विवि ने 2018-19 में कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। अब तक राजकीय महाविद्यालय एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध थे। गढ़वाल विवि में सीबीसीएस (च्वॉइस बेस) पैटर्न पर पढ़ाई होती है। विवि ने प्रवेश और परीक्षा शुल्क का भी निर्धारण कर लिया है। प्रवेश संबंधी नियम बनाने लिए समिति का गठन किया गया है जो दो माह के भीतर नियम तैयार कर विवि को सौंपेगी।
शुक्रवार को कुलपति डॉ. यूएस रावत की अध्यक्षता में श्रीदेव सुमन विवि में गढ़वाल मंडल के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक हुई। इसमें नए शिक्षा सत्र में प्रवेश शुल्क, परीक्षा संबंधित मामलों पर चर्चा की गई। कुलपति डॉ. रावत ने नए सत्र में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए नियम बनाने को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति को दो माह में प्रवेश संबंधी नियम तैयार कर रिपोर्ट विवि को सौंपने को कहा।
विवि में प्रवेश के लिए नामांकन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। स्नातक कक्षाओं में परीक्षा शुल्क 1500 सौ रुपये और स्नातकोत्तर में 1700 रुपये वार्षिक लिया जाएगा। बीएड परीक्षा शुल्क 1200 रुपये, एमएड के लिए 1300 रुपये और बैक पेपर परीक्षा शुल्क 300 रुपये निर्धारित कि या गया है। पीएचडी में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा. कॉलेजों को नमामि गंगे और स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित करने होंगे। प्रत्येक कॉलेज को अपने क्षेत्र के तीन गांव गोद लेने होंगे। गोद लिए गे गांवों के लोगों को कॉलेजों को साक्षरता, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना होगा। सभी राजकीय महाविद्यालयों को अनिवार्य रूप से वार्षिक रिपोर्ट भी बनानी होगी।
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बैठक में कई प्राचार्यों ने भवन और शिक्षकों की कमी की समस्या रखी। उन्होंने विवि प्रशासन से भी अपने स्तर से शासन को रिपोर्ट भेजने की मांग की। इस पर विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने कहा कि कॉलेजों को स्वच्छता अभियान चलाकर ऐसी नजीर पेश करनी चाहिए, ताकि अन्य लोग उनसे प्रेरणा लेकर अभियान को गति दे सकें।
उन्होंने कहा कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा परीक्षा शुल्क कम रखा गया है।
बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्र, वित्ताधिकारी स्मृति खंडूड़ी, विमल मिश्रा, सहायक परीक्षा नियंत्रक हेमंत बिष्ट, डॉ. वीरलाल आर्य, डॉ. डीसी नैनवाल, डॉ. जीएस रजवार मौजूद थे।
क्या है च्वॉइस बेस और सेमेस्टर सिस्टम
च्वॉइस बेस में छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध है कि वे अपनी इच्छानुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। जैसे विज्ञान वर्ग का अभ्यर्थी इतिहास विषय की पढ़ाई कर सकता है। इसके विपरीत सेमेस्टर सिस्टम में कला वर्ग का अभ्यर्थी विज्ञान वर्ग के किसी भी विषय में प्रवेश नहीं ले सकता है।
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शुक्रवार को कुलपति डॉ. यूएस रावत की अध्यक्षता में श्रीदेव सुमन विवि में गढ़वाल मंडल के राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक हुई। इसमें नए शिक्षा सत्र में प्रवेश शुल्क, परीक्षा संबंधित मामलों पर चर्चा की गई। कुलपति डॉ. रावत ने नए सत्र में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए नियम बनाने को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति को दो माह में प्रवेश संबंधी नियम तैयार कर रिपोर्ट विवि को सौंपने को कहा।
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विवि में प्रवेश के लिए नामांकन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। स्नातक कक्षाओं में परीक्षा शुल्क 1500 सौ रुपये और स्नातकोत्तर में 1700 रुपये वार्षिक लिया जाएगा। बीएड परीक्षा शुल्क 1200 रुपये, एमएड के लिए 1300 रुपये और बैक पेपर परीक्षा शुल्क 300 रुपये निर्धारित कि या गया है। पीएचडी में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा. कॉलेजों को नमामि गंगे और स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित करने होंगे। प्रत्येक कॉलेज को अपने क्षेत्र के तीन गांव गोद लेने होंगे। गोद लिए गे गांवों के लोगों को कॉलेजों को साक्षरता, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना होगा। सभी राजकीय महाविद्यालयों को अनिवार्य रूप से वार्षिक रिपोर्ट भी बनानी होगी।
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बैठक में कई प्राचार्यों ने भवन और शिक्षकों की कमी की समस्या रखी। उन्होंने विवि प्रशासन से भी अपने स्तर से शासन को रिपोर्ट भेजने की मांग की। इस पर विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने कहा कि कॉलेजों को स्वच्छता अभियान चलाकर ऐसी नजीर पेश करनी चाहिए, ताकि अन्य लोग उनसे प्रेरणा लेकर अभियान को गति दे सकें।
उन्होंने कहा कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए अन्य विश्वविद्यालयों की अपेक्षा परीक्षा शुल्क कम रखा गया है।
बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्र, वित्ताधिकारी स्मृति खंडूड़ी, विमल मिश्रा, सहायक परीक्षा नियंत्रक हेमंत बिष्ट, डॉ. वीरलाल आर्य, डॉ. डीसी नैनवाल, डॉ. जीएस रजवार मौजूद थे।
क्या है च्वॉइस बेस और सेमेस्टर सिस्टम
च्वॉइस बेस में छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध है कि वे अपनी इच्छानुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। जैसे विज्ञान वर्ग का अभ्यर्थी इतिहास विषय की पढ़ाई कर सकता है। इसके विपरीत सेमेस्टर सिस्टम में कला वर्ग का अभ्यर्थी विज्ञान वर्ग के किसी भी विषय में प्रवेश नहीं ले सकता है।