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देश की एकता के लिए संस्कृत को बढ़ावा देना जरूरी
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:37 PM IST
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चंबा। संस्कृत भारती की पहल पर रविवार को यहां जनपद स्तरीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश के गौरव, एकता और अखंडता के लिए संस्कृत को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री लाखी राम जोशी ने कहा कि संस्कृत भाषा को हमें अपने जीवन में उतारना होगा। संस्कृत भाषा ही भारत की जननी है। संस्कृत हमें आपस में जोड़ने का काम करती है। सम्मेलन के दौरान संस्कृत विज्ञान की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में संस्कृत के विभिन्न ग्रंथों में दिए हुए श्लोक और बाद में उनकी अंग्रेजी में की गई व्याख्या को प्रदर्शित किया गया। इस मौके पर डॉ. सुशील कोटनाला, डॉ. सुंदर लाल, शक्ति प्रसाद जोशी, दिनेश आदि मौजूद थे।
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मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री लाखी राम जोशी ने कहा कि संस्कृत भाषा को हमें अपने जीवन में उतारना होगा। संस्कृत भाषा ही भारत की जननी है। संस्कृत हमें आपस में जोड़ने का काम करती है। सम्मेलन के दौरान संस्कृत विज्ञान की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में संस्कृत के विभिन्न ग्रंथों में दिए हुए श्लोक और बाद में उनकी अंग्रेजी में की गई व्याख्या को प्रदर्शित किया गया। इस मौके पर डॉ. सुशील कोटनाला, डॉ. सुंदर लाल, शक्ति प्रसाद जोशी, दिनेश आदि मौजूद थे।
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