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10 साल से अधर में लटका है लालुर-मौराण्यां मोटर मार्ग
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:33 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में नगुण पट्टी के सुदूर क्षेत्र में लालुर-मौराण्यां 10 किमी मोटर मार्ग का निर्माण 12 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों को नगुण-भवान मोटर मार्ग से 45 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
नगुण पट्टी में लालुर-मौराण्यां 10 किमी मोटर को वर्ष 2005 में स्वीकृति हुई मिली थी। विभाग ने निर्माण 2007-08 में छह किमी सड़क बनाकर मंजखेत तक पहुंचा दी थी, लेकिन उससे आगे की चार किमी सड़क अभी तक नहीं बन पाई है। जिससे क्षेत्र के लोगों को आलू, गोभी, पालक और मटर आदि नकदी फसल मंडी तक पहुंचाने के लिए 45 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। क्षेत्र के बेल सिंह राणा, तेग सिंह रावत, ज्ञान सिंह पंवार और सोबत सिंह राणा ने बताया कि अवशेष चार किमी सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लोनिवि इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। विभाग ने वर्ष 2007 में लालुर से मंजखेत तक जो छह किमी सड़क काटी थी, काश्तकारों को उसका मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्या को देखते हुए चार किमी सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। इस बाबत लोनिवि चंबा के सहायक अभियंता किशोर कुमार ने बताया कि मुआवजे का 30 लाख रुपये विभाग को एक माह पहले ही मिला है, उसे जल्द वितरित किया जाएगा। आगे चार किमी सड़क के लिए 2.5 किमी पर वन विभाग से एनओसी के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
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नगुण पट्टी में लालुर-मौराण्यां 10 किमी मोटर को वर्ष 2005 में स्वीकृति हुई मिली थी। विभाग ने निर्माण 2007-08 में छह किमी सड़क बनाकर मंजखेत तक पहुंचा दी थी, लेकिन उससे आगे की चार किमी सड़क अभी तक नहीं बन पाई है। जिससे क्षेत्र के लोगों को आलू, गोभी, पालक और मटर आदि नकदी फसल मंडी तक पहुंचाने के लिए 45 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। क्षेत्र के बेल सिंह राणा, तेग सिंह रावत, ज्ञान सिंह पंवार और सोबत सिंह राणा ने बताया कि अवशेष चार किमी सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन लोनिवि इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। विभाग ने वर्ष 2007 में लालुर से मंजखेत तक जो छह किमी सड़क काटी थी, काश्तकारों को उसका मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्या को देखते हुए चार किमी सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। इस बाबत लोनिवि चंबा के सहायक अभियंता किशोर कुमार ने बताया कि मुआवजे का 30 लाख रुपये विभाग को एक माह पहले ही मिला है, उसे जल्द वितरित किया जाएगा। आगे चार किमी सड़क के लिए 2.5 किमी पर वन विभाग से एनओसी के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
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