{"_id":"5a1ee9714f1c1ba7678bea33","slug":"15119754049-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारी परिषद ने किया कार्यबहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारी परिषद ने किया कार्यबहिष्कार
Updated Wed, 29 Nov 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंबा (टिहरी)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय धरना-प्रदर्शन कर विभिन्न मांगों के निराकरण के लिए दो दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मियों ने परिषद के जिला महामंत्री प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में धरना देकर सरकार पर जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्रीय कर्मियों की भाती सातवें वेतन के अवशेष भत्ते, एरियर, हेल्थ स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था, सभी कर्मियों को 12 सौ रुपये वाहन भत्ता, उपार्जित अवकाश तीन सौ से बढ़ाकर पांच सौ करने, राज्य में स्थानांतरण एक्ट लागू समेत 22 सूत्री मांगों के निराकरण को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। बावजूद सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैए से समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। कहा कि 30 नवंबर तक समस्याओं के संबंध में आश्वासन नहीं मिलता है, तो एक दिसंबर से बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने संप्रेक्षक शक्ति भट्ट, आरपी चमोली, राजेंद्र राणा, चतर सिंह असवाल, केएन डोभाल, संजय, विजयलक्ष्मी, अंजना, रमिता, रजनी, कविता बैठी रही।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्रीय कर्मियों की भाती सातवें वेतन के अवशेष भत्ते, एरियर, हेल्थ स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था, सभी कर्मियों को 12 सौ रुपये वाहन भत्ता, उपार्जित अवकाश तीन सौ से बढ़ाकर पांच सौ करने, राज्य में स्थानांतरण एक्ट लागू समेत 22 सूत्री मांगों के निराकरण को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। बावजूद सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैए से समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। कहा कि 30 नवंबर तक समस्याओं के संबंध में आश्वासन नहीं मिलता है, तो एक दिसंबर से बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने संप्रेक्षक शक्ति भट्ट, आरपी चमोली, राजेंद्र राणा, चतर सिंह असवाल, केएन डोभाल, संजय, विजयलक्ष्मी, अंजना, रमिता, रजनी, कविता बैठी रही।
विज्ञापन